जिले के 19 विकासखंडों में से 11 में भाजपा प्रत्याशी निर्विरोध ब्लॉक प्रमुख निर्वाचित हुए। शनिवार को आठ ब्लॉकों में कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान हुआ। 19 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। मतगणना के बाद परिणाम घोषित किए गए। इनमें चार ब्लॉकों सकरन, पिसावां, मछरेहटा, परसेंडी में सत्ता पक्ष की विजय हुई। ब्लॉक महमूदाबाद, सिधौली व पहला में सपा के प्रत्याशी विजयी रहे। ब्लॉक कसमंडा के प्रमुख पद पर निर्दलीय प्रत्याशी की एकतरफा जीत हुई है। मछरेहटा ब्लॉक की प्रतिष्ठापूर्ण सीट पर भाजपा विधायक रामकृष्ण भार्गव की पत्नी मिथिलेश कुमारी ने 32 वोट से विजय पताका फहराई है।
विकासखंड कसमंडा में नामांकन के समय आठ जुलाई को सत्तापक्ष व निर्दलीय प्रत्याशी के समर्थकों के बीच हथगोले व गोली चलने से काफी बवाल हुआ था। हरगांव, रामपुर मथुरा में भी सत्तापक्ष व विपक्ष के बीच कड़ी तकरार हुई थी। इन मामलों से सबक लेते हुए पुलिस ने मतदान के लिए कड़े सुरक्षा बंदोबस्त किए थे। जिससे मतदान, मतगणना में किसी भी प्रकार का व्यवधान न उत्पन्न हो सके। इसी का परिणाम रहा, शनिवार को आठ ब्लॉकों में शांतिपूर्ण ढंग से मतदान व मतगणना संपन्न हो सकी। 11 ब्लाकों में सत्तापक्ष के प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित हो चुके थे।
सिधौली में भाजपा प्रत्याशी रोहित भारती को हार का मुंह देखना पड़ा। यहां प्रमुख पद को लेकर भाजपा पार्टी से ही पूर्व विधानसभा प्रत्याशी रहे राम बक्श रावत व रोहित भारती टिकट मांग रहे थे। पार्टी ने रोहित पर भरोसा जताते हुऐ प्रत्याशी बनाया था। राम बक्श रावत टिकट न मिलने से नाराज होकर समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए। सपा ने उन्हें प्रत्याशी बनाया। प्रमुख पद के लिए 101 क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने मतदान किया। राम बक्श रावत को 60 मत, रोहित भारती को 39 मत मिले। निर्दलीय सोनू को को दो मत से संतोष करना पड़ा। जिससे सपा प्रत्याशी राम बख्श रावत ने भाजपा प्रत्याशी को 21 मतों से पराजित किया।
विकासखंड परसेंडी में कड़े मुकाबले में भाजपा प्रत्याशी राजेंद्र प्रसाद ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी गोकुल को मात्र चार मतों से पराजित किया। राजेन्द्र प्रसाद को 57 मत प्राप्त हुए, जबकि गोकुल को 53 मत मिले। सकरन ब्लाक में 103 मतदाताओं में से भाजपा प्रत्याशी मिथिलेश कुमार को 58 मत मिले, जबकि सपा की शिव कांति बाजपेई को 44 मत प्राप्त हुए। एक मत निरस्त किया गया। ब्लॉक पिसावां में भाजपा के मिथलेश यादव एक मत से विजयी रहे। उन्हेें 112 मतों में से 56 मत मिले। सपा की साधना वर्मा को 55 मत प्राप्त हुए। यहां एक मत अनवैलिड पाया गया।
महमूदाबाद में सपा के मुकेश वर्मा विजयी रहे। इन्हें 83 मतों में से 49 वोट मिले, जबकि भाजपा की सुशीला वर्मा को 30 मत प्राप्त हुए। तीन मत अवैध पाए गए। पहला ब्लॉक में सपा के रावेन्द्र उर्फ अजय यादव मात्र एक वोट से प्रमुख बने। उन्हें 95 मतों में से 48 वोट प्राप्त हुए हैं। भाजपा प्रत्याशी प्रवीण वर्मा को 47 वोट मिले। निर्दलीय उपेन्द्र कुमार को एक भी मत नहीं मिला। विकासखंड मछरेहटा की प्रतिष्ठापूर्ण सीट पर मिश्रिख से भाजपा विधायक विधायक रामकृष्ण भार्गव की पत्नी मिथिलेश कुमारी पासी 32 मतों के अंतर से विजय हासिल की। इनको 95 मतों में से 62 मत हासिल हुए। सपा समर्थित पूजा देवी को 30 मत ही मिले। दो मत अवैध पाए गए। निर्दलीय रीमा सिंह का खाता नहीं खुला।
कसमंडा ब्लॉक में निर्दलीय मुन्नी देवी 76 वोट पाकर एक तरफा विजयी रहीं। यहां से भाजपा की गुड्डी देवी को 102 मतों में से मात्र 23 वोट मिले। तीन मत अवैध पाए गए। इस प्रकार सत्तापक्ष का 19 में से 15 सीटों पर कब्जा हो गया है। सपा का मात्र तीन सीटों पर ही संतोष करना पड़ा। जबकि एक ब्लाक में निर्दलीय ने विजय हासिल की है।
तीन ब्लॉकों में रहा कांटे का मुकाबला
आठ ब्लॉकों के 801 मतदाताओं में से आठ सौ ने 19 ब्लॉक प्रमुख प्रत्याशियों के लिए शनिवार का मतदान किया। तीन ब्लॉकों में क्रमश: पहला, पिसावां एवं परसेंडी में कांटे का मुकाबला रहा। पिसावां में भाजपा व सपा की आमने-सामने की टक्कर में भाजपा प्रत्याशी मिथिलेश यादव मात्र एक वोट से विजयी रहे। विकासखंड पहला में सपा के अजय यादव ने एक वोट से विजय पताका फहराई। उन्होंने भाजपा के प्रवीण वर्मा को हराया। सबसे रोचक मुकाबला परसेंडी ब्लॉक में रहा। वहां भाजपा के ही दो प्रमुख नेताओं की वर्चस्व की लड़ाई में भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी राजेन्द्र पासी ने निर्दलीय गोकुल को चार मतों से पराजित किया।
कसमंडा में निर्दलीय प्रत्याशी विजयी
विकासखंड कसमंडा में नामांकन करने जा रहीं निर्दलीय प्रत्याशी को पर्चा दाखिल करने से रोकने को लेकर हुए विवाद के बाद भी स्वतंत्र प्रत्याशी कुर्सी पर कब्जा जमाने में कामयाब रहीं। जानकार सूत्रों के अनुसार, यहां भाजपा का एक धड़ा अधिकृत प्रत्याशी, दूसरा गुट निर्दलीय प्रत्याशी का जिताने पर अड़ा रहा। आखिरकार प्रमुख पद पर सत्तापक्ष के अधिकृत प्रत्याशी को हार का सामना करना पड़ा। निर्दलीय मुन्नी देवी को विजय हासिल हुई है।