रजत के भाई देवेंद्र ने बताया कि अनमोल और जतिन ही होटल मीना इन का पूरा करोबार संभालते हैं। दोनों भाई शहर में मादक पदार्थों की आपूर्ति करते हैं। होटल में हर तरह का नशा लोगों को उपलब्ध कराया जाता है। इसलिए गोमतीनगर में रहने वाले ज्यादातर रईसों के लड़के यहां रूम बुक करवाकर ठहरते हैं। रजत पहले इस होटल में चरस और अफीम की सप्लाई करता था। लेकिन परिवार के विरोध की वजह से इस काले कारोबार से दूर हो गया। इसकेबाद प्रॉपर्टी का काम शुरू कर दिया था। आरोप है कि नशे का सारा सामान चरस, स्मैक व अफीम बाराबंकी से मंगाया जाता है। रजत ही उसे उपलब्ध कराता था। उसने कुछ महीने पहले बाराबंकी के हैदरगढ़ में कुछ जमीन एग्रीमेंट करवाया । इसकी जानकारी होने पर जतिन फिर से चरस का धंधा शुरू करने के लिए रजत पर दबाव बना रहा था। इसके लिए ही उसे पार्टी में शामिल होने का झांसा देकर पार्टी में बुलाया गया था।
एक साल तक रहा है जेल में
प्रभारी निरीक्षक विभूतिखंड चंद्रशेखर सिंह के मुताबिक, रजत चरस, अफीम व गांजा का तस्करी करता था। उसे चिनहट थाने से पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उसके पास से भारी मात्रा में चरस व अफीम बरामद हुआ था। इसके बाद एक साल तक वह जेल में रहा। रजत के पिता हरि सिंह की तहरीर पर अनमोल, जतिन और सुलभ सिंह और तीन अज्ञात के खिलाफ हत्या व साजिश रचने का केस दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की तलाश में रविवार को सात संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई है।