योगी सरकार के पहले मंत्रिमंडल विस्तार में क्षेत्रीय असंतुलन दूर करने की कोशिश की गई है। वेस्ट यूपी से दो कैबिनेट मंत्रियों के इस्तीफों के बाद 8 नए मंत्री बनाए गए हैं। पूर्वांचल से 5, मध्य यूपी से 4 और बुंदेलखंड से एक मंत्री बने हैं। स्वतंत्र प्रभार के जिन चार मंत्रियों को प्रोन्नति देकर काबीना मंत्री बनाया गया है, उनमें दो पश्चिम व दो पूरब के हैं।
योगी सरकार का पहला मंत्रिमंडल विस्तार 29 महीने बाद हुआ है। सरकार गठन के समय कुल 47 मंत्री बनाए गए थे। उस समय कई क्षेत्रों की उपेक्षा हुई थी। बुधवार को काफी हद तक इस क्षेत्रीय असंतुलन दूर कर लिया गया है।
दो कैबिनेट मंत्रियों राजेश अग्रवाल व धर्मपाल सिंह के इस्तीफों के बाद पश्चिमी यूपी को 8 नए मंत्री मिले हैं। दो राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) का प्रमोशन हुआ है। प्रोन्नत होकर कैबिनेट मंत्री बनने वालों में शामली जिले के सुरेश राणा और मुरादाबाद के भूपेंद्र सिंह चौधरी हैं।
मुजफ्फरनगर, आगरा और कानपुर जिले से दो-दो मंत्री बनाए गए हैं। प्रधानमंत्री के वाराणसी को खास तरजीह मिली है। शिवपुर से विधायक अनिल राजभर को प्रमोट करके कैबिनेट मंत्री और नीलकंठ तिवारी को पदोन्नति देकर राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया है। रवींद्र जायसवाल को राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार बनाया गया है।
मध्य यूपी को मिली तवज्जो
मंत्रिमंडल विस्तार में मध्य यूपी व बुंदेलखंड को खासी तवज्जो मिली है। कानपुर नगर की विधायक कमल रानी वरुण को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। वह घाटमपुर से दो बार सांसद रह चुकी हैं। दिबियापुर (औरैया) के विधायक लाखन सिंह राजपूत, कल्याणपुर (कानपुर) की विधायक नीलिमा कटियार और सिकंदरा कानपुर (देहात) के विधायक अजित सिंह पाल को राज्यमंत्री बनाया गया है। बुंदेलखंड के चित्रकूट से विधायक चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय को राज्यमंत्री बनाया गया है। स्वतंत्र देव सिंह के इस्तीफे के बाद चंद्रिका प्रसाद को मंत्री बनाकर बुंलेदखंड की हिस्सेदारी को जस का तस रखा गया है।
अनुप्रिया के संसदीय क्षेत्र से पटेल बने मंत्री
पूर्वांचल से 5 नए मंत्री बनाए गए हैं। इनमें वाराणसी से रवींद्र जायसवाल, इटवा (सिद्धार्थनगर) से सतीश द्विवेदी, घनघटा (संतकबीरनगर) से श्रीराम चौहान, बलिया सदर से आनंद स्वरूप शुक्ला के अलावा मिर्जापुर के मड़िहान से रमाशंकर पटेल शामिल हैं। मिर्जापुर अपना दल सांसद अनुप्रिया पटेल कासंसदीय क्षेत्र है। उनके पति व एमएलसी आशीष पटेल को मंत्री पद का दावेदार माना जा रहा था। उनके बजाय भाजपा ने अपने विधायक को मौका दिया है।
सपा के गढ़ों में दी भाजपा ने दस्तक
वेस्ट यूपी से इस बार 8 मंत्री बने हैं। इनमें बिजनौर निवासी अशोक कटारिया को राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया है। भाजपा ने मैनपुरी के भोगांव से विधायक रामनरेश अग्निहोत्री को कैबिनेट मंत्री और बदायूं केविधायक महेश गुप्ता को राज्यमंत्री बनाकर सपा के गढ़ों में दस्तक दी है। बुलंदशहर के अनिल शर्मा को राज्यमंत्री बनाया गया है। अशोक कटारिया को राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार बनाकर बिजनौर को प्रतिनिधित्व दिया गया है। लोकसभा चुनाव में भाजपा बिजनौर जिले की दोनों सीटें हार गई थी।
मुजफ्फरनगर को मिला अजित को हराने का इनाम
मुजफ्फरनगर जिले को रालोद अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह को हराने का इनाम मिला है। मुजफ्फरनगर सदर से विधायक कपिल देव अग्रवाल को राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार और चरथावल से विधायक विजय कश्यप को राज्यमंत्री बनाया गया है। मुजफ्फरनगर की सभी विधानसभा सीटें भाजपा ने जीती थी लेकिन मंत्रिमंडल में जिले की हिस्सेदारी नहीं थी। आगरा कैंट के विधायक डॉ. गिर्राज सिंह धर्मेश और फतेहपुर सीकरी के विधायक चौधरी उदयभान सिंह को राज्यमंत्री के रूप में शपथ दिलाई गई है। 2017 में भाजपा ने आगरा की सभी सीटें जीती थीं, लेकिन उसे मंत्रिमंडल में नुमाइंदगी नहीं मिल पाई थी।
...लेकिन अवध की नुमाइंदगी घटी
मंत्रिमंडल में अवध की नुमाइंदगी घट गई है। बहराइच से विधायक अनुपमा जायसवाल और अब सांसद चुनी गईं लखनऊ कैंट की विधायक रीता बहुगुणा जोशी के इस्तीफे के बाद अवध क्षेत्र के दो मंत्री कम हो गए हैं। उनके स्थान पर कोई नया मंत्री नहीं बनाया गया है।