वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में जिन 84 सीटों पर भाजपा को शिकस्त मिली थी, वहां के लिए पार्टी ने अलग रणनीति बनाई है। उन सीटों के जातीय समीकरण के हिसाब से पार्टी के राज्यसभा सदस्यों व वरिष्ठ नेताओं को वहां प्रभारी नियुक्त किया गया है।
सर्वे भी होगा आधार
चुनाव में टिकट वितरण में विस्तारक, प्रभारी और संयोजक की रिपोर्ट के साथ प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर से कराए जा रहे सर्वे को भी आधार माना जाएगा। पार्टी की सर्वोच्च प्राथमिकता जिताऊ उम्मीदवार को ही टिकट देने की है।
हर विधानसभा क्षेत्र के लिए दो से तीन दावेदारों का पैनल प्रदेश की कोर कमेटी तय करेगी। इसके लिए पहले जिले और क्षेत्र से पैनल मांगा जाएगा। जिले और क्षेत्र से आने वाले पैनल पर प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश प्रभारी राधा मोहन सिंह, महामंत्री संगठन सुनील बंसल विचार कर एक-एक सीट के लिए दो से तीन नामों का पैनल तैयार कर राष्ट्रीय नेतृत्व के समक्ष रखेंगे।
भाजपा एवं चुनाव प्रबंधन प्रभारी व प्रदेश महामंत्री जेपीएस राठौर का कहना है कि भाजपा 2017 से बड़ी जीत का लक्ष्य लेकर चुनाव लड़ने जा रही है। ऐसे में हमारे लिए एक-एक सीट महत्वपूर्ण है। हर विधानसभा क्षेत्र में चुनाव जीतने के लिए पार्टी कोई कमी नहीं छोड़ेगी। मोदी-योगी सरकार की योजनाओं के साथ कार्यकर्ताओं की मेहनत से हम अपना लक्ष्य प्राप्त करेंगे।