नरेंद्र मोदी की दो मार्च की लखनऊ रैली में स्पेशल ट्रेनों का रिकॉर्ड बनाने के लिए भाजपा और रेलवे प्रशासन के बीच सोमवार को तीसरे चरण की बैठक हुई।
इसमें 24 ट्रेनें चलाने पर सहमति बन गई, जबकि भाजपा अब भी 29 ट्रेनें चलाए जाने की मांग कर रही है।
शेष पांच ट्रेनों पर भी जल्द होने वाली बैठक में निर्णय हो जाएगा। रैली में आने वाली ट्रेनें शहर के आसपास के स्टेशनों पर भी ठहरेंगी।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी और डीआरएम जगदीप राय व अनूप कुमार के साथ सभी अधिकारियों की उत्तर रेलवे डीआरएम कार्यालय में कई घंटे तक चली बैठक में रैली में 29 ट्रेनों को चलाने की रूपरेखा पर मंथन हुआ।
रेलवे ने 24 ट्रेनों को चलाने की अपनी योजना की जानकारी भाजपा नेता को दी।
रेलवे के मुताबिक वह चारबाग स्टेशन से नौ रैली स्पेशल ट्रेनें चलाएगा, जबकि लखनऊ जंक्शन पर पांच, ऐशबाग में एक, गोमतीनगर में दो, उतरेठिया में तीन और आलमनगर में चार ट्रेनों का ठहराव किया जाएगा।
अब इन स्टेशनों पर रैली स्पेशल की एक भी ट्रेन के चलाए जाने की गुंजाइश नहीं बन रही।
ऐसा यहां पहले से नियमित ट्रेनों के दबाव के कारण रेलवे ने निर्णय लिया है। अब भाजपा के पास अमौसी स्टेशन और मानकनगर में अपनी पांच ट्रेनों के ठहराव का विकल्प बचा हुआ है।
हालांकि, भाजपा नेता आलमनगर और चारबाग में इन पांच ट्रेनों के लाने की मांग कर रहे हैं। शेष पांच ट्रेनों पर विचार के लिए अगले चरण की बैठक जल्द होगी।