यूपी चुनावों की घोषणा के साथ ही भाजपा में प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया तेज हो गई है। प्रत्याशियों की पहली सूची खरमास समाप्त होने के बाद 16 जनवरी को घोषित होगी। उसी दिन केंद्रीय संसदीय बोर्ड की बैठक है।
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भाजपा ने उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया काफी पहले शुरू कर दी थी। इसके लिए संगठन व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की रिपोर्ट के साथ ही निजी एजेंसियों से सर्वे कराया गया। सर्वे का कार्य सीधे केंद्रीय नेतृत्व की देखरेख में हुआ है। संगठन में जिलाध्यक्षों से नाम मांगे गए।
क्षेत्रीय स्तर पर संघ के साथ समन्वय बैठकों में प्रत्याशियों के चयन पर विचार हुआ। हर स्तर पर फीडबैक के बाद दावेदारों की स्क्रीनिंग की गई है। अब इन नामों को प्रदेश चुनाव समिति में रखा जाएगा। समिति जल्द ही हर सीट पर टिकट के दावेदारों का पैनल केंद्रीय नेतृत्व को भेजेगी।
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आमतौर पर माना जाता है कि खरमास में कोई शुभ काम नहीं करना चाहिए। इसलिए भाजपा के केंद्रीय संसदीय बोर्ड की बैठक खरमास समाप्त होने के बाद 16 जनवरी को होगी। उसी दिन पहले और दूसरे चरण के उम्मीदवार घोषित हो सकते हैं। गौरतलब है कि पहले चरण के लिए नामांकन दाखिल करने का काम 17 जनवरी से शुरू हो जाएगा।
चुनाव समिति में आदित्यनाथ को जगह नहीं, उमा शामिल
उमा भारती
भाजपा ने बृहस्पतिवार को प्रदेश चुनाव समिति को संशोधित करते हुए इसमें केंद्रीय मंत्री उमा भारती को शामिल किया है। समिति में दूसरे दलों से आने वाले नेताओं को रखा गया है है, लेकिन गोरखपुर के सांसद महंत आदित्यनाथ को जगह नहीं दी गई।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने बुधवार को 26 सदस्यीय प्रदेश चुनाव समिति का गठन किया था। इसमें दो केंद्रीय मंत्रियों राजनाथ सिंह व कलराज मिश्र को रखा गया था। अब इसमें उमा भारती को भी शामिल कर लिया गया है।
भाजपा के हलकों में चर्चा है कि पूर्वांचल में खास असर रखने और प्रदेश में हिंदुत्व का चेहरा होने के बावजूद महंत आदित्यनाथ को समिति में शामिल नहीं किया गया है। इसके उलट कई दलबदलुओं को चुनाव समिति में जगह मिली है।
इनमें नेता प्रतिपक्ष व बसपा महासचिव रह चुके स्वामी प्रसाद मौर्य, बसपा के पूर्व सांसद बृजेश पाठक और कांग्रेस की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी शामिल हैं।
प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य
- फोटो : amar ujala
प्रदेश प्रभारी ओमप्रकाश माथुर, सह प्रभारी शिवप्रकाश, केशव प्रसाद मौर्य, डॉ. दिनेश शर्मा, अरुण सिंह, डॉ. महेंद्र सिंह, सुनील बंसल, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश सिंह, विनय कटियार, डॉ. रमापतिराम त्रिपाठी, सूर्यप्रताप शाही, डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी, सुरेश खन्ना, सुनील ओझा, वीरेंद्र खटिक, रमेश बिधूड़ी, रामेश्वर चौरसिया, स्वतंत्रदेव सिंह, सलिल विश्नोई, सांसद व पूर्व मंत्री रमाशंकर कठेरिया और महिला मोर्चा की अध्यक्ष स्वाति सिंह।