भाजपा ने प्रदेश सरकार और सपा के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा सहारनपुर दंगे की जांच के लिए कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव के नेतृत्व में बनी जांच कमेटी को ढोंग बताया है।
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. चन्द्र मोहन ने कहा कि भतीजे ने क्लीन चिट हासिल करने के लिए चाचा पर विश्वास व्यक्त किया।
आखिर मुख्यमंत्री खुद अभी तक सहारनपुर क्यों नही गए ? सहारनपुर में किसी जांच से पहले दंगे के कारण व्यापारियों के आर्थिक नुकसान की भरपाई के लिए त्वरित मुआवजा देना चाहिए।
सहारनपुर दंगे में बड़े लोग शामिल
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता ने व्यापारी नेता हरीश कोचर के परिवारीजन को भी 25 लाख का मुआवजा और मृतक आश्रित को सरकारी नौकरी देने की मांग की।
डॉ. मोहन ने कहा कि भाजपा अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी द्वारा गठित जांच कमेटी ने पाया कि सहारनपुर में दंगा करने में बड़े लोग शामिल थे।
दंगा पूर्व नियोजित साजिश के तहत हुआ और प्रशासन पूरी तरह नाकाम साबित हुआ है। उन्होंने दंगे के लिए प्रदेश सरकार ही जिम्मेदार ठहराया है।
26 जुलाई को हुई थी हिंसा
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री और सपा के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सहारनपुर दंगे की जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया है।
इस कमेटी की अगुवाई लोक निर्माण एवं सिंचाई मंत्री शिवपाल सिंह यादव करेंगे। गौरतलब है कि सहारनपुर में 26 जुलाई को जमीन के एक छोटे टुकड़े के विवाद ने सांप्रदायिक हिंसा का रूप ले लिया था।
जमीन को लेकर हुई हिंसा में तीन लोगों की मौत हो गई थी और सौ से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। बड़ी संख्या में दुकानों को आग के हवाले कर दिया गया।
जांच कमेटी में ये शामिल
सहारनपुर में दंगे के कारणों और दोषियों की तह तक जाने के लिए मुख्यमंत्री ने पूरे घटनाक्रम की जांच एक कमेटी से कराने का फैसला लिया है।
शिवपाल सिंह यादव के नेतृत्व वाली इस कमेटी में प्राविधिक शिक्षा मंत्री शिवाकांत ओझा, ग्राम्य विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अरविंद गोप, राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त युवा कल्याण परिषद के अध्यक्ष आशु मलिक और मुरादाबाद के सपा जिलाध्यक्ष इकराम कुरैशी को रखा गया है।
सीएम ने जांच दल के अध्यक्ष से शीघ्र सहारनपुर पहुंचकर घटना की जांच कर रिपोर्ट देने को कहा है।