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भाजपा का पलटवार, कहा- नोटबंदी ने खोली मायावती की काली कमाई की पोल

Tue, 11 Sep 2018 06:17 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्रनाथ पांडेय व मायावती। - फोटो : amar ujala
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भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेन्द्रनाथ पांडेय ने कहा कि नोटबंदी से बसपा सुप्रीमो मायावती की काली कमाई का खुलासा हुआ था इसलिए उनका नोटबंदी पर विरोध स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि नोटबंदी पर मोहर लगाते हुए प्रदेश की जनता ने 2017 में भाजपा को प्रचंड बहुमत दिया था वहीं बसपा को मात्र 19 सीट पर समेट दिया था।

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इतना ही नहीं कांग्रेस के साथ  कुशासन और भ्रष्टाचार में भागीदार रही बसपा को प्रदेश की जनता ने 2014 में शून्य पर पहुंचा दिया था। मंगलवार को नोटबंदी और जीएसटी पर बसपा सुप्रीमो मायावती के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेन्द्रनाथ पांडेय ने कहा कि मायावती के मुंह से भ्रष्टाचार के आरोप अच्छे नहीं लगते हैं।

मायावती को यह नहीं भूलना चाहिए कि उनके नेतृत्व में बनी 2007 की यूपी सरकार के आधा दर्जन से अधिक मंत्री भ्रष्टाचार में दोषसिद्ध होकर जेल में हैं। गरीब जनता के स्वास्थ्य व दवाओं के लिए आए एनआरएचएम के बजट का अरबों का घोटाला भी शामिल है। गरीबों के दवाओं और इलाज के पैसे तक का भ्रष्टाचार करने वाली मायावती 5 लाख रुपये के स्वास्थ्य बीमा की आयुष्मान भारत योजना लागू करने वाले नरेन्द्र मोदी पर सवाल खड़ा रही है।
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उन्होंने कहा कि किसानों को लेकर मायावती के घड़ियाली आंसू की हकीकत जनता को पता है। किसान भूले नहीं है कि किस तरह से भट्टा परसौल में निर्दोष किसानों पर बसपा सरकार ने गोलियां चलवाकर उनकी जान ली थी। दलितों, पिछड़ों और गरीबों के नाम पर अपनी तिजोरी भरने के अलावा मायावती ने किसी की चिंता नहीं की।

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'बसपा ने सदैव कांग्रेस की बी टीम के रूप में काम किया'

डॉ. पांडेय ने कहा कि बसपा ने सदैव कांग्रेस की बी टीम के रूप में काम किया है। उन्होंने कहा यूपीए सरकार के कार्यकाल में जब भ्रष्टाचार चरम पर था, देश का आम नागरिक महंगाई, बेरोजगारी और कांग्रेस के कुशासन से त्रस्त था उस समय बसपा सुप्रीमो कांग्रेस के ही साथ खड़ी थी।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि पेट्रोल और डीजल के मूल्यों में वृद्धि अंतर्राष्ट्रीय कारणों से है। ईरान जैसे तेल उत्पादक देशों पर प्रतिबंद्ध के कारण भी तेल की आपूर्ति में कमी आयी है। केन्द्र सरकार तेल की कीमतों को कम करने का प्रयास कर रही है।
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