भाजपा ने लोकसभा चुनाव के प्रयोग को विधानसभा की खाली हुई 12 सीटों और लोकसभा की मैनपुरी सीट पर दोहराने का फैसला किया है।
इसके लिए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने यूपी भाजपा के सदस्यों के लिए निर्देश जारी कर दिए हैं।
इसी के तहत चुनाव प्रभारियों की नियुक्ति व पार्टी के एक-एक पूर्णकालिक कार्यकर्ता के साथ सभी जगह दो-दो अन्य वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को लगाने की योजना बनी है।
इन दो कार्यकर्ताओं में एक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ा उस क्षेत्र का अनुभवी प्रचारक और एक विद्यार्थी परिषद का कार्यकर्ता होगा।
शाह ने दी जिम्मेदारियां
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी संबंधित सीटों के सांसदों को चुनाव की जिम्मेदारी सौंप चुके हैं। उन्होंने सांसदों को सीट के प्रभारियों के साथ समन्वय बनाकर काम करने को कहा है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी कहते हैं कि उपचुनाव को लेकर पार्टी गंभीर है।
प्रभारियों को बूथ कमेटियों की बैठकों का निर्देश दिया जा चुका है। मतदाता सूची के लिए पन्ना प्रभारी तय किए जा रहे हैं। पन्ना प्रभारी ही संबंधित मतदाताओं से संपर्क करेंगे।
वे यह भी देखेंगे कि कहीं कोई नाम छूटा तो नहीं है। मतदाता पहचान पत्रों की स्थिति क्या है। अगर किसी का नाम नहीं होगा तो यह लोग उसका नाम मतदाता सूची में शामिल कराएंगे। साथ ही मतदाता पहचान पत्र भी बनवाने में मदद करेंगे।
इसलिए कोई कसर नहीं रखना चाहती भाजपा
विधानसभा की 12 सीटों का उपचुनाव भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बना हुआ है। इनमें विधानसभा चुनाव-2012 में भाजपा 11 पर और एक सीट रोहनिया से अपना दल की अनुप्रिया पटेल जीती थीं।
अपना दल ने रोहनिया सीट से कृष्णा पटेल को उम्मीदवार घोषित किया है। शेष सीटों पर भाजपा को चुनाव लड़ना है। उत्तराखंड में विधानसभा की तीन सीटों पर मिली पराजय ने यूपी भाजपा के कान खड़े कर दिए हैं।
रणनीतिकार चिंतित हैं कि किसी भी वजह से अगर किसी सीट पर हार हुई तो भाजपा के पक्ष में जमा रंग फीका पड़ना शुरू हो जाएगा। इसीलिए भगवा टोली पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा है।