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'कुछ और ही है मायावती का मकसद'

Mon, 04 Aug 2014 08:21 AM IST
महेंद्र तिवारी/ अमर उजाला, लखनऊ
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बसपा के अलावा शेष सभी पार्टियां यूपी के उपचुनाव की तैयारियां कर रही हैं, वहीं मायवती दूर का मकसद लेकर काम कर रही हैं।
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बताया जा रहा है कि पार्टी बैठक में अगले साल होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारियों पर भी चर्चा होने की संभावना है। मतलब साफ है कि बसपा पंचायत चुनाव के साथ ही विधानसभा की तैयारियों को भी पुख्ता करना चाहती है।

इसके लिए बसपा की दस अगस्त को होने वाली महत्वपूर्ण बैठक अब आठ अगस्त को होगी। रक्षाबंधन की वजह से यह बैठक पहले बुलाई गई है।

इसमें लोकसभा चुनाव के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती द्वारा दिए गए निर्देश के अनुसार बूथ से लेकर सेक्टर तक संगठन के पुनर्गठन की समीक्षा होगी।

संगठन को तैयार करने के निर्देश

प्रदेश बसपा अध्यक्ष राम अचल राजभर की अध्यक्षता में यह बैठक प्रदेश कार्यालय में दस बजे से होगी। इसमें राष्ट्रीय महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी व स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ पार्टी के जोनल कोऑर्डिनेटरों के शामिल होने की संभावना है।

मायावती ने लोकसभा चुनाव बाद जिले से लेकर मंडल तक संगठन का अपने स्तर से ही पुनर्गठन कर दिया था।

जिला संगठनों के पदाधिकारियों को नए प्रारूप में बूथ से लेकर सेक्टर तक संगठन को नए सिरे से तैयार करने का निर्देश दिया था।

इधर, प्रदेश सरकार ने अगले वर्ष होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के लिए पंचायतों के परिसीमन की अधिसूचना जारी कर दी है।
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सत्ता जाते ही खत्म हुआ प्रभाव

इस बैठक में पार्टी नेता कोऑर्डिनेटरों के साथ चुनाव तैयारियों पर भी चर्चा करेंगे। हालांकि, पंचायत के चुनाव राजनीतिक दलों के सिंबल पर नहीं कराए जाते लेकिन ये दल क्षेत्र पंचायत व जिला पंचायत सदस्यों के पद पर समर्थित प्रत्याशी उतारते रहे हैं।

इस बैठक में इस बात पर चर्चा होने की संभावना है कि पार्टी इस चुनाव में किस तरह से भागीदारी करे। 2017 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले होने वाले इन चुनावों को बसपा काफी गंभीरता से लेती दिख रही है।

पिछले पंचायत चुनाव में सत्ता में रहते हुए बसपा ने अच्छी सफलता हासिल की थी। लेकिन सत्ता जाने के बाद अविश्वास प्रस्ताव की कार्यवाही में अधिकतर जिलों में उसके समर्थित जिला पंचायत अध्यक्षों व क्षेत्र पंचायत प्रमुखों को अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी है।
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