विधानसभा सीटों के उपचुनाव की घोषणा के साथ ही भाजपा का फोकस बदल गया है। पार्टी ने संबंधित सीटों वाले जिलों के अध्यक्षों को चुनाव की तैयारियां शुरू करने का निर्देश दिया है।
साथ ही पहले से तय कई कार्यक्रमों में संशोधन का निर्णय किया है। पार्टी ने प्रदेश भर में लगने वाले प्रशिक्षिण शिविरों को स्थगित कर दिया है।
हालांकि, 23 व 24 अगस्त को मथुरा में प्रस्तावित बैठक यथावत रखी गई है। इससे पहले 22 अगस्त को वहीं पर पदाधिकारियों की बैठक होगी।
19 अगस्त को शुरू होंगी बैठकें
अधिसूचना के अनुसार विधानसभा की जिन 11 सीटों पर उपचुनाव होना है उनमें दो सीटें केंद्रीय मंत्रियों से संबंधित हैं। बाकी की सभी सीटें भाजपा व उसके सहयोगी अपना दल की प्रतिष्ठा वाली हैं। उपचुनाव के लिए पार्टी की बैठकें 19 अगस्त के बाद शुरू हो जाएंगी।
अधिसूचना त्रुटिपूर्ण
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने दावा किया कि पार्टी ने उपचुनाव को लेकर सारी तैयारी कर रखी हैं। प्रत्याशियों के बारे में बातचीत पूरी हो चुकी है।
सूची बनाने और प्रत्याशी तय करने की औपचारिकता भर पूरी करनी है। टिकट घोषित करने में बहुत ज्यादा वक्त नहीं लगेगा। सारे टिकट समय से घोषित हो जाएंगे। वाजपेयी ने कहा, चुनाव आयोग की उपचुनाव की घोषणा वाली अधिसूचना त्रुटिपूर्ण है।
इसमें कैराना का नाम नहीं है। इसलिए आयोग को नई अधिसूचना जारी करनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि कैराना सीट पर चुनाव कराने में कोई तकनीकी बाधा नहीं है। उन्होंने आयोग से मांग की कि केंद्रीय सुरक्षा बलों की निगरानी में उपचुनाव कराए जाएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश कार्यसमिति की बैठक यथावत रहेगी।
इनकी होगी परीक्षा
जिन सीटों पर उपचुनाव होगा उनमें लखनऊ पूरब से विधायक रहे कलराज मिश्र और महोबा के चरखारी से विधायक चुनी गईं उमा भारती अब केंद्र में मंत्री हैं।
सिराथू (कौशांबी) से विधायक केशव मौर्य, बलहा (बहराइच) से विधायक सावित्री फूले, हमीरपुर से विधायक साध्वी निरंजन ज्योति, ठाकुरद्वारा (मुरादाबाद) से विधायक सर्वेश सिंह, नोएडा (गौतमबुद्धनगर) से विधायक डॉ. महेश शर्मा, निघासन (लखीमपुरखीरी) से विधायक अजय मिश्र टेनी, सहारनपुर से विधायक राघवलखन पाल व बिजनौर से विधायक भारतेंदु सिंह सांसद चुन लिए गए हैं।
इसके अलावा कैराना से विधायक चुने गए हुकुम सिंह भी सांसद हैं। हालांकि, चुनाव आयोग की अधिसूचना में इस सीट का नाम नहीं है। जाहिर है, उपचुनाव में इन सांसदों व केंद्रीय मंत्रियों की पहुंच व पकड़ की भी परीक्षा होगी।