सपा अध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी सामाजिक सद्भाव के लिए प्रतिबद्ध है। सौहार्द के वातावरण में ही विकास हो सकता है। विकास को गति देने और सामाजिक न्याय के लाभ के लिए जातीय जनगणना होनी चाहिए। इससे समाज के सभी वर्ग के लोगों को उनकी संख्या के अनुरूप हिस्सेदारी तय हो सकेगी। इसमें हिंदू-मुस्लिम की कोई समस्या नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि सपा सरकार में कमजोर वर्गों के हित में कई योजनाएं लागू की गई थीं। किसानों, गरीबों को प्राथमिकता में रखा था। नौजवानों को रोटी-रोजगार से जोड़ा था। किसान आज कर्ज और महंगाई से बदहाल है। नौजवान बेरोजगारी की मार से बेहाल है। भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार अनियंत्रित है।