सपा मुखिया अखिलेश यादव ने शनिवार को दलितों के मुद्दे पर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा और इलाहाबाद व सिद्धार्थनगर की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा, दलितों पर अत्याचार बढ़े हैं। साथ ही आरक्षण मामले पर भाजपा सांसद को ही लड़ाई लड़नी पड़ रही है।
जाहिर है, सपा इन घटनाओं को धार देने की कोशिश करेगी। बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी जिस तरह प्रतिमाओं के टूटने, आंबेडकर के नाम के साथ रामजी शब्द जोड़ने और गुजरात की घटना का उल्लेख करके भाजपा के शीर्ष नेतृत्व पर निशाना साधा है, उससे पता चलता है कि विपक्ष इन घटनाओं को मुद्दा बनाकर भाजपा को घेरने की कोशिश करेगा।
अब, जबकि सपा व बसपा में गठबंधन लगभग तय है, कांग्रेस के भी इसके साथ खड़े होने के संकेत हैं। भविष्य में ये दल एकजुट होकर भाजपा को घेरेंगे। इनका प्रयास होगा कि किसी तरह दलितों के बीच भाजपा की पहुंच कमजोर कर अपनी पैठ बनाई जाए। इससे भाजपा की परेशानी कुछ बढ़ सकती है।