दीगर है कि गर्मी केबढ़ते ही रेल फ्रैक्चर की घटनाएं शुरू हो गईं। पटरियों की डिस्ट्रेसिंग व मरम्मत के लिए रेलवे की ओर से कई ट्रेनों को महीनेभर के लिए कैंसिल किया गया है। फिर भी यह गंभीर है कि उत्तर रेलवे के मोहनलालगंज सेक्शन में पटरी काटने तक की घटनाएं होती रहीं हैं।
दो बार पटरी काटकर ट्रेन को पलटवाने की साजिश हो चुकी है। इसके बाद सुरक्षा बढ़ाने के तमाम दावे किए गए थे, जो खोखले ही साबित हुए। न तो पटरी काटने के मामले की जांच पूरी हुई और न ही रूट पर ट्रेनों की सुरक्षा को लेकर कोई खासे इंतजाम किए गए है। जिससे मंशा पर सवाल उठते हैं।