बैंककर्मियों की हड़ताल के कारण बुधवार को बैंकिंग सेवाएं ठप हैं। इस देशव्यापी हड़ताल में सरकारी क्षेत्र के साथ निजी व विदेशी बैंक भी शामिल हो गए हैं।
ऐसे में यदि कोई विशेष जरूरी काम न हो तो इसे कल पर टालना ही बेहतर और सुविधाजनक है। दसवें वेतन समझौता को लागू करने और बैंक रिफॉर्म के नाम पर उत्पीड़न के खिलाफ सभी बैंकों में बुधवार को देशव्यापी हड़ताल जारी है।
इसमें लखनऊ के करीब 6,000 और पूरे प्रदेश से 70,000 बैंक कर्मचारी यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के बैनर तले हड़ताल पर हैं।
दिल्ली में मंगलवार को वार्ता विफल होने के बाद लखनऊ में शाम को बैंककर्मियों ने प्रदर्शन किया। यूएफबीयू के राष्ट्रीय संयुक्त महामंत्री केके सिंह और प्रदेश संयोजक वाईके अरोड़ा के नेतृत्व में हजरतगंज स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से इलाहाबाद बैंक तक विरोध मार्च निकाला गया।
इस दौरान वाईके अरोड़ा ने कहा कि केंद्र सरकार ने दसवां वेतन समझौता शीघ्र लागू नहीं किया तो हम बेमियादी हड़ताल पर जाने को बाध्य हैं।
प्रदर्शन में बृजेश मिश्र, आरके अग्रवाल, अनिल श्रीवास्तव, वीके सेंगर, वीके सिंह शामिल हुए। यूएफबीयू के जिला संयोजक देवेंद्र सिंह ने बताया कि बुधवार को दोपहर एक बजे बैंककर्मी एसबीआई के स्थानीय प्रधान कार्यालय में होने वाली सभा में हिस्सा ले रहे हैं।
एटीएम से निकाल सकेंगे पैसा
यूएफबीयू के पदाधिकारी केके सिंह ने बताया कि एटीएम सेवा को हड़ताल से बाहर रखा गया है। लखनऊ स्थित सभी बैंकों के कुल 720 एटीएम और यूपी के 6300 एटीएम से लोग पैसा निकाल सकेंगे।
500 करोड़ का कारोबार होगा प्रभावित
यूएफबीयू के राष्ट्रीय संयुक्त महामंत्री केके सिंह ने बताया हड़ताल से राजधानी में 500 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ है। वहीं यूपी में करीब 15000 करोड़ की क्लीयरिंग पर असर पड़ा है।