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लखनऊ में बैंक लूट: एक साल पहले जालंधर की जेल में रची गई थी साजिश, पुलिस के सामने खुले ये राज

Mon, 23 Dec 2024 09:52 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

Lucknow bank robbery: लखनऊ के चिनहट इलाके में हुई बैंक लूट के अब राज खुल रहे हैं। इस घटना को अंजाम देने वाले गैंग लीडर कैलाश और साजिशकर्ता विपिन एक साथ जालंधर जेल में बंद थे।
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लखनऊ बैंक लूट - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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चिनहट स्थित इंडियन ओवरसीज बैंक के लॉकरों को काटकर करोड़ों की चोरी की साजिश एक साल पहले पंजाब के जालंधर जेल में बनी थी। इस बात का खुलासा पकड़े गए चोरों ने किया है। गैंग लीडर कैलाश और साजिशकर्ता विपिन एक साथ जालंधर जेल में बंद थे।

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एसीपी विभूतिखंड राधारमण सिंह ने बताया कि बिहार के चोरों के गैंग का लीडर कैलाश बिंद है। उसकी एक साल पहले पहले जालंधर जेल में चोरी के मामले में बंद विपिन से हुई थी। कैलाश में बैंक में चोरी के मामले में बंद था। कैलाश में विपिन को बताया था कि उसका पूरा गैंग है जो बैंक में चोरी करता है। इस पर विपिन ने कैलाश को चिनहट स्थित इंडियन ओवरसीज बैंक में चोरी करने की बात कही थी। जेल से कैलाश और विपिन बाहर निकले। इसके बाद फिर से विपिन ने कैलाश से संपर्क किया और बैंक में चोरी करने की बात कही। विपिन के कहने पर कैलाश पूरे गैंग को लेकर लखनऊ पहुंचा।

इंदिरानगर स्थित एक होटल में ठहराया था
17 दिसंबर को बिहार का गैंग लखनऊ पहुंचा। पुलिस के सूत्र बताते हैं कि विपिन ने बिहार से आए चोरों को इंदिरानगर के एक होटल में ठहराया था। सभी लोगों ने चार दिनों तक बैंक की रेकी की थी। एडीसीपी पूर्वी पंकज सिंह ने बताया कि मुठभेड़ के दौरान बरामद कार भी आरोपी विपिन की है। पुलिस के सूत्र बताते हैं कि भागे हुए बदमाशों के पास चोरी का काफी माल मौजूद है। पुलिस की कई टीमें भागे हुए चोरों की तलाश में लगी हैं।
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सुरक्षा के मानक पूरे नहीं थे, किया जाएगा पत्राचार
जेसीपी एलओ अमित वर्मा ने बताया कि जांच में बैंक की सुरक्षा-व्यवस्था लचर मिली। लॉकरों की क्वालिटी इतनी खराब थी कि महज साढ़े तीन घंटे में चोरों ने 42 लॉकर काट दिए। बैंक की दीवार भी बिना प्लास्ट वाली थी। अलार्म सिस्टम भी काम नहीं किया। उन्होंने बताया कि बैंक में कमजोर सुरक्षा-व्यवस्था का ही फायदा चोरों ने उठाया। जेसीपी का कहना है कि इसको लेकर बैंक प्रशासन से पत्राचार किया जाएगा।

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लॉकर काटने का माहिर भी गैंग में मौजूद

लखनऊ में फिल्मी स्टाइल में 'बैंक चोरी' - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
एसीपी विभूतिखंड ने बताया कि बैंक में 90 लॉकर थे। 20 लॉकर खाली है। 70 एक्टिव हैं। चोरों ने सिर्फ 42 लॉकरों को ही तोड़ा था, जिसमें से दो लॉकर खाली थे। चोरों ने लॉकर काटने के लिए इलेक्ट्रिक कटर का प्रयोग किया था। पुलिस के सूत्र बताते हैं कि बिहार के चोरों के गैंग में कुछ चोर लॉकर काटने में माहिर हैं। उनको इस बात का पता अच्छे से था कि लॉकर का ताल किस जगह सबसे कमजोर होता है। समय की कमी के वजह से चोरों ने ऊंचाई पर बने लॉकर को तोड़ने का प्रयास भी नहीं किया।

गैंग के हर व्यक्ति की भूमिका पहले से तय थी
बिहार के चोरों के गैंग के हर व्यक्ति की भूमिका पहले से तय थी। किसी को बैंक की रेकी करनी है। किसको दीवार काटना है। कौन लॉकर काटेगा और कौन बाहर खड़ा होकर रेकी करेगा। यह सारा काम पहले से चोरों ने आपस में बांट रखा था।

पुलिस की गश्त व संदिग्धों की चेकिंग किस काम की
बैंक परिसर और उसके आसपास संदिग्धों की चेकिंग का अभियान अक्सर चलाया जाता है। इलाके के दरोगा व सिपाही बैंक के अंदर जाकर दिन में बैंक चेक करते हैं। वहां रखे रजिस्टर पर इसकी एंट्री भी पुलिस वाले करते हैं। बाहर खड़े होने व आने-जाने वाले संदिग्धों को चेक करने का काम भी पुलिस करती है, पर इंडियन ओवरसीज बैंक में हुई घटना में पुलिस की लापरवाही उजागर हुई है। चार दिन तक चोर बैंक की रेकी करते रहे और पुलिस को संदिग्ध नजर ही नहीं आए। वहीं रात के वक्त की जाने वाली गश्त भी हाथी के दिखाने वाले सफेद दांत की तरफ साबित हुई। रात 12 बजे बाइक से चोर बैंक पहुंचे, साढ़े तीन घंटे तक चोरी की और फिर बड़ी आराम से करोड़ों का माल बटोर कर भाग निकले। रात गश्त करने वाली पुलिस टीम सोती रह गई। फिलहाल चिनहट पुलिस की इस लापरवाही पर अधिकारियों ने पर्दा डाल दिया और तीन चोरों को पकड़ कर वाहवाही लूट ली।
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