धर्म परिवर्तन कराने के आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज।
- फोटो : ??? ?????
भोले भाले लोगों को प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने, जनसंख्या संतुलन को प्रभावित करने और मूल धर्म के लोगों के खिलाफ वैमनस्यता फैलाकर देश का सौहार्द बिगाड़ने के मामले में गिरफ्तार अब्दुल्ला उमर, भूप्रिय बंदो उर्फ अर्सलान मुस्तफा, एडम उर्फ प्रसाद रामेश्वर कुवारे व डॉ. कुणाल अशोक चौधरी की जमानत अर्जी एटीएस कोर्ट की विशेष न्यायाधीश कल्पना ने खारिज कर दिया है।
कोर्ट ने कहा कि अगर आरोपियों को जमानत दी जाती है तो संभावना है कि वह गवाहों को धमका कर साक्ष्य को प्रभावित करेंगे और फरार भी हो सकते हैं।
इस मामले में राहुल भोला एवं अन्य आरोपियों की जमानत खारिज की जा चुकी है, ऐसे में आरोपियों को जमानत पर रिहा किया जाना उचित नहीं है।
अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि मामले की रिपोर्ट वादी उप निरीक्षक विनोद कुमार ने थाना एटीएस गोमती नगर में दर्ज कराई थी।
जिसमें आरोप लगाया गया था कि कुछ देश विरोधी असामाजिक तत्व धार्मिक संगठन सिंडीकेट आईएसआई व विदेशी संस्थाओं के निर्देश व उनसे प्राप्त फंडिंग से लोगों का धर्म परिवर्तन कर देश की जनसंख्या संतुलन को तीव्र गति से बदल रहे हैं।
यह भी कहा गया कि आरोपी धर्म परिवर्तन किए गए लोगों को उनके मूल धर्म के प्रति विद्वेष एवं नफरत भाव पैदा कर रहे हैं।