सीएम ने लिया सख्त एक्शन।
- फोटो : अमर उजाला
बहराइच दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान दो समुदायों के बीच विवाद के बाद भड़की हिंसा सोमवार को भी जारी रही। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डीजीपी प्रशांत कुमार और अपर मुख्य सचिव गृह दीपक कुमार से रिपोर्ट लेने के बाद एडीजी कानून-व्यवस्था अमिताभ यश और गृह सचिव डॉ. संजीव गुप्ता को हालात पर काबू पाने बहराइच भेजा। इसके बाद स्थिति पर काबू पाया जा सका। हालांकि वहां तनाव बरकरार है। इसके मद्देनजर सरकार ने एक दर्जन अधिकारियों और अतिरिक्त पुलिस बल बहराइच भेजा है।
बता दें कि रविवार को बहराइच के महसी इलाके में प्रतिमा विसर्जन के लिए जा रहे रामगोपाल मिश्रा की गोली लगने से मौत बताने के बाद सांप्रदायिक हिंसा भड़क गई थी। बहराइच पुलिस इस पर काबू नहीं पा सकी। इससे आक्रोशित लोगों ने सोमवार को कई हिस्सों को निशाना बनाना शुरू कर दिया। इसकी चपेट में बहराइच-लखनऊ हाईवे के कई गांव भी आ गए। इससे अफसरों के हाथ-पांव फूल गए और पुलिस बल को पीछे हटना पड़ा।
वहीं, मुख्यमंत्री ने सुबह गृह विभाग और पुलिस के उच्चाधिकारियों को तलब किया। इसमें हिंसा दोबारा होने की जानकारी मिलने पर उन्होंने तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर भेजने का आदेश दिया। इसके बाद एडीजी कानून-व्यवस्था, गृह सचिव के अलावा चार एसपी रैंक के अधिकारी देवेश पांडेय, अजय कुमार, त्रिभुवन सिंह व अरुण कुमार सिंह को बहराइच भेजा गया। इसके अलावा दो एएसपी, चार सीओ, छह कंपनी पीएसी और एक कंपनी आरएएफ को भी बहराइच भेजा गया। वहीं जोन और रेंज से भी कई एएसपी, सीओ, निरीक्षक, उपनिरीक्षक समेत सैकड़ों पुलिसकर्मियों को तैनात कर दिया गया।
हिंसा की चपेट में बहराइच।
- फोटो : अमर उजाला।
बहराइच में भड़की हिंसा की प्रारंभिक जांच में पता चला कि हरदी थाने की पुलिस ने लापरवाही बरती, जिसकी वजह से हालात बेकाबू हो गए। प्रतिमा विसर्जित करने जा रहे लोगों पर पथराव के दौरान स्थानीय पुलिस मूकदर्शक बनी रही। समुदाय विशेष का इलाका होने के बावजूद अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती नहीं की गई। इतना ही नहीं, पुलिस ने हालात पर काबू पाने के लिए जुलूस में शामिल लोगों को ही पीटना शुरू कर दिया, जिससे माहौल बिगड़ता चला गया।
दोबारा हिंसा भड़कने पर बंद कराया गया इंटरनेट
बहराइच में सुबह दोबारा हिंसा भड़कने के बाद प्रशासन ने इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगा दी। साथ ही हालात पर काबू पाने के लिए प्रभावित इलाकों को सेक्टर व जोन में बांटकर पुलिस बल की तैनाती की जानी लगी। पूरे इलाके में पुलिस की क्विक रिस्पांस टीमें दंगा निरोधक वाहन व वज्र वाहनों से गश्त करने लगीं, जिससे उपद्रवियों को तितर-बितर किया जा सका।
उपद्रवियों को खदेड़ते अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) अमिताभ यश।
- फोटो : amar ujala
सीएम के निर्देश पर बहराइच पहुंचे एडीजी कानून-व्यवस्था अमिताभ यश को खुद सड़क पर उतरकर मोर्चा संभालना पड़ा। उन्होंने बहराइच-लखनऊ हाईवे पर स्थित एक गांव के बाहर जमा उपद्रवियों को पिस्टल लेकर दौड़ाया। देर शाम तक एडीजी कानून-व्यवस्था बहराइच में कैंप करके पुलिस बल की तैनाती और आरोपियों की गिरफ्तारी की समीक्षा कर रहे थे।
बहराइच में सांप्रदायिक हिंसा भड़कने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दंगाइयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिए हैं। वे पूरे घटनाक्रम की पल-पल की जानकारी लेते रहे। साथ ही, अधिकारियों को निर्देश दिए कि सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने वाला कोई भी उपद्रवी बचना नहीं चाहिए। वहीं दोनों डिप्टी सीएम ने भी लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्रदेश की शांति और सौहार्द को बिगाड़ने की कोई भी साजिश सफल नहीं होगी। दंगाइयों को संरक्षण देने वाले एक बार फिर सक्रिय हो रहे हैं, लिहाजा हमें सतर्क और सजग रहना होगा। प्रदेश के बेहतर भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। दोषियों को कानून के दायरे में लाकर सख्त सजा दी जाएगी और पीड़ितों को पूरा न्याय मिलेगा। उन्होंने लोगों से शांति और धैर्य बनाए रखने की अपील की है।