हिंसा की चपेट में बहराइच।
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महसी के महराजगंज में दूसरे समुदाय के लोगों द्वारा मूर्ति विसर्जन के दौरान प्रतिमाओं पर पत्थरबाजी की गईं। वहीं घर में ले जाकर रेहुआ मंसूर निवासी राम गोपाल मिश्रा के साथ बर्बरता करते हुए गोली मार कर हत्या कर दी गई। जिसके बाद जिले में हिंसा फैल गई और लगातार जारी है। घटना के बाद पुलिस भी हरकत में आई है और छह नामजद समेत 10 लोगों पर विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। साथ ही सोमवार को पुलिस ने डैमेज कंट्रोल करते हुए 26 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। क्षेत्र में अभी भी भारी तनाव को स्थिति है और पड़ोसी जिलों के साथ साथ कई थानों की पुलिस, पीएसी और आरएएफ के जवान मौके पर तैनात है।
हरदी थाना प्रभारी हरदी कमल शंकर चतुर्वेदी ने बताया कि सोमवार को विवाद में शामिल महराजगंज निवासी मोहम्मद आवेश, तजमुल, मोहम्मद निसार, दिलशाद, रेहान, इरफान, हबीबुल्ला, अरमान, मोहम्मद नदीम, आदिल, जावेद, लारेब, असलम, रियाज अहमद, महफूज आलम, मकसूद आलम, शमी मोहम्मद, वाकर, इरशाद अहमद, इमरान, रियाज, जाहिद, मोहम्मद दानिश व सरजूपुरवा गांव निवासी मोहम्मद सलीम, अफगान, इमरान अंसारी सहित छब्बीस लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। सघन जांच और चिन्हांकन लगातार जारी है।
घटना के बाद सांप्रदायिक तनाव।
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रविवार को पहले दिन हिंसा के बाद मुख्यमंत्री ने घटना का संज्ञान लिया था। उच्चाधिकारियों को निर्देश दिये थे। अफसरों ने दावा किया था कि अब सुरक्षा के पूरे इंतजाम कर लिए गए हैं। लेकिन सोमवार सुबह जब रामगोपाल का शव घर पहुंचा तो उसके बाद कई घंटे तक गांवों और कस्बों में तोड़फोड़, आगजनी और अराजकता होती रही। दोपहर बाद जब एडीजी एलओ ने मोर्चा संभाला तब जाकर कुछ माहौल शांत हुआ। सवाल है कि आखिर पहले दिन हिंसा के बाद दूसरे दिन लापरवाही क्यों बरती गई? पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती क्यों नहीं की गई? ऐसे तमाम सवाल पुलिस पर उठ रहे हैं।
रात में शहर के कई जगहों पर हुई आगजनी।
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महसी के महराजगंज में विसर्जन जुलूस के दौरान हुए विवाद के बाद शुरू हुआ उपद्रव व आगजनी की घटना रात भर जारी रही। इस दौरान आक्रोशित भीड़ ने शहर की एक दर्जन से अधिक दुकानों में तोड़फोड़ व आगजनी की। यही नहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी रात में तोड़फोड़ की गई। शहर के अस्पताल चौराहे पर रेहुवा मंसूर निवासी राम गोपाल मिश्रा के हत्याकांड के विरोध में प्रदर्शन कर रही रही भीड़ रात लगभग 12 बजे उग्र हो गई। भीड़ ने अस्पताल चौराहे के पास स्थित नाई, टायर व एक किराना की दुकानों को आग के हवाले कर दिया। इस दौरान आग बुझाने पहुंचे दमकल वाहन पर भी पथराव कर दिया।
सूचना पर पहुंची एसपी ने पुलिस कर्मियों के साथ लाठी चार्ज कर लोगों को खदेड़ा। वहीं लगभग इसी समय पीपल तिराहे के पास स्टीलगंज तालाब स्थित दुकानों पर भी आक्रोशित भीड़ ने धावा बोला। भीड़ ने यहां एक बाइक में आग लगा दी, जिसकी आग एक कपड़े की दुकान में भी घुस गई और दुकान में रखा सामान जल गया। भीड़ ने चूड़ी, कपड़े आदि की लगभग छह दुकानों को निशाना बनाया। दुकानों के शटर आदि में तोड़फोड की। यही नहीं आक्रोशित भीड़ का गुस्सा देर रात नए नानपारा बाईपास स्थित किराना समेत तीन दुकानों पर भी फूटा और यहां भी आगजनी व तोड़फोड़ की गई।
भीड़ का आक्रोश खैरीघाट थाना क्षेत्र के बेहड़ा में भी देखने को मिला। जहां आक्रोशित भीड़ ने नाई की दुकान समेत तीन गुमटियों को पलट दिया और तोड़फोड़ की। यही नहीं गुमटियों में आगजनी भी की। साथ ही पीछे दफनाई गई ताजियों के पास लगे हरे झंडो को भी उजाड़ दिया। जिसकी जानकारी होने पर थाना प्रभारी खैरीघाट टीम के साथ पहुंचे और लोगों को खदेड़ा।