घाघरा नदी की कछार में बीते पांच सालों से मगरमच्छों का कुनबा रहता है। यहां लगभग 10 मीटर पानी गहरा है और ये क्षेत्र करीब तीन एकड़ चौड़ा है। मगरमच्छों के रहने से यहां काफी संख्या में लोग शाम के समय बच्चों के साथ मगरमच्छ की उछल कूद देखने आते है।
महसी (बहराइच) बिसवां के पास घाघरा नदी में दो मगरमच्छों के बीच घंटों चले खूनी संघर्ष में एक की जान चली गई। लगभग एक घंटे से भी अधिक समय तक चले खूनी संघर्ष में एक मगरमच्छ को अपनी जान गंवानी पड़ी। मगरमच्छ के मौत की सूचना पाकर मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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बौंडी थाना क्षेत्र के बिसवां के पास घाघरा नदी की कछार में बीते पांच सालों से मगरमच्छों का कुनबा रहता है। यहां लगभग 10 मीटर पानी गहरा है और ये क्षेत्र करीब तीन एकड़ चौड़ा है। मगरमच्छों के रहने से यहां काफी संख्या में लोग शाम के समय बच्चों के साथ मगरमच्छ की उछल कूद देखने आते है।
बताया जाता है कि शनिवार की देर शाम दो मगरमच्छों में आपसी संघर्ष हो गया। बताया जाता है कि दोनों के बीच लगभग एक घंटे तक संघर्ष चला। जिसमें एक मगरमच्छ की मौत हो गई। मगरमच्छ की मौत की सूचना पर गांव के ग्रामीण एकत्र हो गए। सूचना पर कैसरगंज रेंज प्रभारी आरपी चौधरी, वन दरोगा सलीम खान, बीट प्रभारी जुबेर खान व वाचर बहादुर सिंह ने मौके पर पहुंचे और मगरमच्छ के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। रेंजर ने बताया कि आपसी संघर्ष के चलते मगरमच्छ की मौत हुई है।