तिलोई विधायक व मौजूदा चुनाव में भाजपा टिकट पर विधानसभा का चुनाव लड़ रहे मयंकेश्वर शरण सिंह के दो वीडियो बृहस्पतिवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुए। एक वीडियो में विधायक वर्ग विशेष को लेकर कई आपत्तिजनक बातें कर रहे हैं दूसरे वीडियो में वे अयोध्या के बाद काशी व मथुरा में मंदिर बनाने की हुंकार भरते हुए कहते हैं कि जिन्हें ज्यादा झंझट हो वे हिंदुस्तान छोड़कर पाकिस्तान चले जाएं।
तिलोई के मयंकेश्वर शरण सिंह इस विधानसभा क्षेत्र के मौजूदा विधायक हैं। 2017 में भाजपा के टिकट पर चुनाव जीतने वाले मयंकेश्वर को इस बार भी पार्टी ने विधानसभा चुनाव का टिकट दिया है। यहां कांग्रेस से प्रदीप सिंघल, सपा से मो. नईम व बसपा से हरवंश कुमार दुबे चुनाव लड़ रहे हैं। बृहस्पतिवार को मयंकेश्वर की दो छोटी सभाओं के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए।
पहले वीडियो में लोगों को संबोधित करते हुए मयंकेश्वर कहते हैं कि हिंदुस्तान का हिंदू अगर एक बार जाग गया तो यह दाढ़ी (दाढ़ी की तरफ इशारा करते हुए) यहां से नोचकर चुटिया (सिर पर पीछे की तरफ इशारा करते हुए) बना देगा। जोर देते हुए कहते हैं कि हिंदुस्तान में रहना है तो राधे-राधे कहना ही पड़ेगा। वरना बंटवारे के समय जो पाकिस्तान गए थे, आप भी चले जाइए। यहां कोई जरूरत नहीं है।
दूसरे वीडियो में मयंकेश्वर मंदिर मुद्दे पर बोलते सुनाई पड़ रहे हैं। कह रहे हैं कि मंदिर भी बनवाना है। काशी में भी भगवान शंकर का मंदिर बनवाना है और मथुरा में भगवान कृष्ण का मंदिर बनवाना है। अब कोई दुनिया की ताकत यह तीनों मंदिर बनने से रोक नहीं सकती। बहुत ज्यादा झंझट हो तो मैं ...(वर्ग विशेष का नाम लेकर) से कहता हूं कि चले जाएं पाकिस्तान हिंदुस्तान छोड़कर।
दोनों वीडियो पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया
कांग्रेस के जिला महासचिव अनिल सिंह ने कहा कि भाजपा विधायक का यह बयान नियोजित तरीके से धार्मिक भावना भड़काने वाला है। सिंह ने लोगों से इस वीडियो पर ध्यान नहीं देने व आपसी सद्भाव बनाए रखते हुए ऐसे लोगों को उनके सही स्थान पर भेजने की अपील की है।
कार्यकर्ताओं का गुस्सा शांत करने की कोशिश
विधायक मयंकेश्वर शरण सिंह ने कहा कि यह वीडियो पूरा नहीं है। एडिट किया हुआ है। कहा कि कल बहादुरपुर ब्लॉक के सराय महेशा ग्राम पंचायत के पूरे उदवत में वर्ग विशेष के लोगों ने भाजपा के प्रचार वाहन पर पत्थरबाजी की। वाहन को गांव में घुसने नहीं दिया। दूसरी घटना तिलोई विकास क्षेत्र के बसंतपुर ग्राम पंचायत के पूरे मोहनी में भी हुई। यहां भी वर्ग विशेष के लोगों ने प्रचार वाहन के शीशे तोड़ने के साथ ही चालक को मारा और प्रचार वाहन को गांव में घुसने नहीं दिया। ऐसे में कार्यकर्ता बहुत अक्रोशित थे। सुबह मोहनी का पुरवा पहुंच गए। मुझे जानकारी हुई तो मैं भी वहां पहुंचा कि कोई अप्रिय घटना न हो। कार्यकर्ताओं का गुस्सा शांत हो इसलिए कुछ गर्म भाषा में बोला।