राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के 16 जिलों में आयुष अस्पताल खुलेंगे। 50-50 बेड इन अस्पतालों में आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी, सिद्धा और योग पद्धतियों से इलाज किया जाएगा। यहां ईएनटी, स्त्री रोग, बाल रोग, पैथोलॉजी, अल्ट्रासाउंड और इमरजेंसी की सुविधा भी मरीजों को मिलेगी।
बताया जाता है कि निर्माणाधीन इन अस्पतालों में इसी वर्ष दिसंबर तक इलाज शुरू होने की संभावना है। आयुष सचिव मुकेश मेश्राम ने बताया कि राजधानी लखनऊ, सहारनपुर, अमेठी, सोनभद्र, सुल्तानपुर, संतकबीर नगर, कानपुर देहात, बस्ती, कुशीनगर, कानपुर नगर, बरेली, वाराणसी, ललितपुर, जालौन, कौशांबी, देवरिया समेत 16 जिलों में आयुष अस्पताल खोले जा रहे हैं।
एक ही तरह के बनने वाले प्रत्येक अस्पताल के लिए 7.25 करोड़ रुपये निर्धारित हैं। एलोपैथी की तुलना में आयुष पद्धति का इलाज सस्ता है और गरीबों को निशुल्क इलाज मिलेगा। अस्पतालों में पंचकर्म, क्षार सूत्र, सिरोधारा, हिजामा थेरेपी, इलाज विद तदवीर, थोकन्नम जैसी तकनीक से खराब जीवनशैली से होने वाले रोगों का इलाज किया जाएगा।
अस्पताल में तीन पंचकर्म, क्षारसूत्र, होम्योपैथी, इलाज विद तदवीर, थोकन्नम के तीन चिकित्साधिकारी, एक रेजीडेंट डॉक्टर, 12 नर्सिंग स्टाफ, दो पंचकर्म टेकभनीशियन, एक योग प्रशिक्षक, तीन फार्मासिस्ट, दो लैब टेकभनीशियन, एक एनेस्थेटिस्ट, एक रेडियोलॉजिस्ट, पैथोलॉजिस्ट, एक नेत्र विशेषज्ञ, एक जनरल सर्जन, एक स्त्री रोग विशेषज्ञ की तैनाती की जाएगी।