Ram temple: अयोध्या राममंदिर में चंदन टीका लगाने या प्रसाद के रूप में चरनामृत देने पर कोई रोक नहीं लगी है। इस संबंध में एक खबर वायरल होने के बाद मंदिर ट्रस्ट ने इसका खंडन किया है।
अयोध्या राम मंदिर में चंदन टीका लगाने व चरणामृत देने पर लगी रोक संबंधित खबर वायरल होने के बाद ट्रस्ट ने सामने आकर इसका खंडन किया है। शनिवार को पहले राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्र ने वायरल खबर का खंडन किया था और साफ कहा था कि राम मंदिर में चंदन टीका व चरनामृत देने पर कोई रोक नही लगाई गई ही। अब मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने भी इसका खंडन किया है।
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राम मंदिर निर्माण समिति की बैठक में शामिल होने अयोध्या पहुंचे निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्र ने कहा किचंदन टीका और चरणामृत नहीं दिया जाना है यह भ्रामक बात ही। किसी प्रकार की रोक नहीं लगाई गयी ही। सबसे सामान व्यवहार किया जा रहा है। एक समाचार पत्र में ऐसी खबर आई थी कि मंदिर में चंदन टीका लगाने पर रोक लगा दी गई है।
चरणामृत, चंदन लगाने पर कोई रोक नहीं
राम मंदिर ट्रस्ट का कहना है कि चरणामृत देने व चंदन लगाने पर कोई रोक नहीं लगाई गई है। राम मंदिर के ट्रस्टी डॉ़ अनिल मिश्र ने बताया कि राम मंदिर की जो परंपराएं पहले थीं, वह आज भी यथावत हैं। श्रद्धालुओं को चंदन लगाने की कोई परंपरा नहीं है। यह व्यवहारिक रूप से संभव भी नहीं है, क्याेंकि राम मंदिर में रोजाना एक लाख से अधिक भक्त दर्शन करते हैं।
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उन्हें चंदन कैसे लगाया जा सकता है। इतना जरूर है कि दोपहर की आरती में जो भी श्रद्धालु होते हैं, उन्हें चरणामृत दिया जाता है। कुछ श्रद्धालुओं को पुजारी चंदन भी लगाते हैं, इनमें आम से लेकर खास तक शामिल होते हैं। इस पर रोक नहीं लगाई जा सकती। दर्शनपथ पर हर एक श्रद्धालु को प्रसाद देने की भी व्यवस्था की गई है।