उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को अयोध्या के राम कथा पार्क में 'दीपोत्सव 2021' का आगाज करते हुए पूरे चुनावी मूड में दिखे तो प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने भी 70 साल के कांग्रेसी शासन को रामद्रोही ठहराने में कोई कसर नहीं छोड़ी। कांग्रेस, सपा और बसपा को रामभक्तों का सबसे बड़ा विरोधी बताते हुए चुन-चुनकर हमला बोला।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामकथा पार्क में दीपोत्सव के मंच से 2 नवंबर 1990 की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि 31 साल पहले रामभक्तों और कारसेवकों पर गोलियां चलवाई गई थीं। तब जय श्री राम कहना और राम मंदिर निर्माण के लिए आवाज उठाना अपराध माना जाता था, लेकिन भाइयो-बहनों आपकी ताकत, लोकतंत्र की ताकत कितनी मबजूत होती है, आपने इसका अहसास कराया। यह लोकतंत्र की शक्ति है, जिन्होंने राम भक्तों पर गोली चलाने का आदेश दिया था आज आपके सामने नतमस्तक हैं।
योगी आदित्यनाथ ने नाम लिए बिना सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव और उनके पुत्र अखिलेश यादव पर कटाक्ष किया। उन्होंने जनता से कहा, अब लगता है कि अगर कुछ और वर्ष आप इसी प्रकार से ले चले तो वह दिन दूर नहीं जब अगली कारसेवा के लिए तो वह अपने पूरे खानदान (सपा संरक्षक और उनका परिवार) के साथ लाइन में लगे होंगे। यह लोकतंत्र की शक्ति है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि अगली बार जब कारसेवा होगी तो राम और कृष्ण भक्तों पर गोलियां नहीं चलेंगी बल्कि फूलों की वर्षा होगी।
तब कब्रिस्तान बनते थे, अब मंदिरों का पुर्ननिर्माण हो रहा
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश की जनता का पैसा कब्रिस्तान की बाउंड्रीवॉल बनाने पर खर्च होता था, आज मंदिरों के पुर्ननिर्माण और सौंदर्यीकरण पर खर्च हो रहा है। यही अंतर है हमारी और उनकी सोच में, जिनको कब्रिस्तान प्यारा था, वे जनता का पैसा वहां लगाते थे, जिन्हें धर्म और संस्कृति प्यारी है वे उसके उत्थान और उन्नयन के लिए जनता के पैसे का उपयोग कर रहे हैं। अयोध्या के साथ काशी में बाबा विश्वनाथ का मंदिर सज रहा है, देश के पांच सौ मंदिरों का पुनरोद्धार हो रहा है, तीन सौ मंदिरों के कार्य पूर्ण हो चुके हैं। दो सौ के कार्य अगले माह तक पूरे हो जाएंगें।
अयोध्या में लेजर शो, दीपों की माला के साथ रंग-बिरंगी अयोध्या स्वर्ग की भांति दिखेगी। राम की पैड़ी के 32 घाटों पर कीर्तिमान बनाने को नौ लाख दीप जलाकर साढ़े सात लाख दीप एक साथ 40 मिनट में जलाने और पांच मिनट तक जलते रहने का नया विश्व कीर्तिमान बनाने का लक्ष्य अवध के 12 हजार युवा साधेंगे। रामचरित मानस में गोस्वामी तुलसीदास ने लिखा है।
जद्यपि सब बैकुंठ बखाना, वेदपुरान निगम सब जाना।
जन्मभूमि सम नहीं प्रिय सोहूं, या प्रसंग जाने कोऊ कोऊ?
जगद्गुरु रामदिनेशाचार्य कहते हैं कि दीपावली के मौके पर अयोध्या में कुछ इसी प्रसंग को दोहराया जाने वाला है। दीपोत्सव में पुष्पक विमान होगा। रथ होगा। घुड़सवार होंगे और सैनिक भी होंगे। अयोध्या पुष्पों, विद्युत सजावटों से सुसज्जित होगी। कहते हैं कि अद्भुत रोशनी से नहायी तरोताजा सरयू को देखकर मन यही दुआ करता है कि इस अभिनव ‘दीपरात्रि’ की सुबह नहीं आए। चौबीस घंटे रामधुनों-कीर्तनों से गूंज रही अयोध्या जैसे कहना चाह रही है कि हम रामजी के, राम जी हमारे हैं...।
अयोध्या पर शोध करने वाले डॉ. हरिप्रसाद दुबे कहते हैं कि अवध में उत्सव है भारी...दीपोत्सव में कुछ इसी तरह का माहौल है। प्रथम तिलक वसिष्ठ मुनि कीन्हा। पुनि सब विप्रन्ह आयसु दीन्हा...भगवान राम का प्रथम तिलक सर्वप्रथम वशिष्ठ जी ने किया था। उसी प्रतीक स्वरूप मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भगवान का तिलक करने जा रहे हैं। यह राज्याभिषेक त्रेतायुग की बानगी ही नहीं, बल्कि रामनगरी के धार्मिक उत्कर्ष का संकेत भी है।