शहनाई की धुन जुलाई में एक बार फिर बजेगी, क्योंकि, शुक्र ग्रह 61 दिन बाद उदय हो गए हैं। इसके साथ ही मांगलिक कार्य पूर्ण रूप से शुरू हो जाएंगे। जुलाई में विवाह के लिए कुल आठ शुभ मुहूर्त हैं। इसके बाद नवंबर-दिसंबर माह को मिलाकर सिर्फ 17 शुभ लग्न हैं। ज्योतिष के अनुसार गुरु व शुक्र के अस्त होने, हरिशयनी एकादशी के पहले आने और मासांत दोष की वजह से शुभ लग्न कम मिल रहे हैं।
ज्योतिषाचार्य महंत प्रवीण शर्मा ने बताया कि मांगलिक कार्य में गुरु और शुक्र ग्रह का उदय होना आवश्यक माना गया है, लेकिन, 6 मई को गुरु अस्त हो गए। जिसके चलते मई और जून महीने में एक भी शुभ लग्न नहीं था। 17 जुलाई से हरिशयनी एकादशी है और सूर्य कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। हरिशयनी एकादशी से चातुर्मास प्रारंभ हो जाएगा, जिससे शुभ कार्य बंद हो जाएंगे। पिछले साल की अपेक्षा इस साल लगभग 35 शुभ लग्न कम मिल रहे हैं।
जुलाई से दिसंबर तक ये हैं लग्न
इस वर्ष के जुलाई, नवंबर और दिसंबर महीनों में कई शुभ मुहूर्त बन रहे हैं। जुलाई में 9, 11, 12, 13, 14, 15 और 17 तारीख को शुभ मुहूर्त हैं। 17 जुलाई को देवशयनी एकादशी है, इसके बाद विवाह, गृह प्रवेश, मंडन संस्कार आदि मांगलिक कार्य बंद हो जाएंगे। वहीं, नवंबर में 17, 18, 22, 23, 24, 25 और 26 तारीख को भी शुभ मुहूर्त बनेंगे। दिसंबर में 2, 3, 4, 5, 9, 10, 13 और 14 तारीख को शुभ मुहूर्त रहेंगे। इन सभी तारीखों में अधिकतर शुभ मुहूर्त गोधूलि बेला से लेकर रात के समय तक बन रहे हैं।