क्षेत्राधिकारी कैंट ने बताया कि एटीएम में कैश ट्रे खोलने के लिए पासवर्ड की जरूरत होती है। यह पासवर्ड केवल कस्टोडियन व नकदी डालने वालों के पास ही होता है। एटीएम में नकदी डालने वाली कंपनी के कर्मचारियों पर संदेह है। कंपनी से कर्मचारियों की सूची मांगी गई है।
जो इस एटीएम में नकदी डालने का काम करते हैं या करते थे और काम छोड़ दिया है। वहीं, सुरक्षा को लेकर सीसीटीवी कैमरा न लगाने के मामले में बैंक के मुख्यालय को पत्र लिखकर जिम्मेदार के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की जाएगी।
पुलिस के मुताबिक, एटीएम बूथ के अंदर सीसीटीवी कैमरा लगाने के लिए सारे इंतजाम थे। बैंक ने यह काम जरूरी नहीं समझा। जब पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे के बारे में आईसीआईसीआई बैंक के मुख्य शाखा के एचआर अनूप कपूर से पूछताछ की तो वह टालमटोल करने लगे। एटीएम बूथ में न तो कैमरे लगे थे और न ही गार्ड तैनात थे।
एक दिन पहले ही डाली गई थी रकम
एजीएस कंपनी के एलआर प्रियांक गौड़ ने बताया कि मंगलवार शाम एटीएम में छह लाख रुपये डाले गए थे। बुधवार सुबह आठ बजे मशीन से आखिरी बार निकासी हुई। इसके बाद कैश ट्रे में 4,33,400 रुपये बचे थे।