विधान परिषद में बजट पर सामान्य चर्चा के दौरान बसपा ने सरकार की जमकर खिंचाई की। नेता विरोधी दल नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि प्रदेश में सरकार नाम की कोई चीज नहीं है।
सरकार के दो साल के कार्यकाल में छोटे-बड़े मिलाकर करीब सवा सौ दंगे हुए। इस बीच कई बार सत्ता पक्ष से नोकझोंक भी हुई। विपक्ष ने प्रदेश में खराब स्वास्थ्य सेवा का भी मामला उठाया।
नेता विरोधी दल ने कहा कि प्रदेश में अपराध बढ़ रहे हैं, सांप्रदायिक दंगे बढ़े हैं। सपा सरकार ने मुजफ्फरनगर में हिंदू-मुसलमानों को लड़वा दिया।
कानून-व्यवस्था के नाम पर सरकार फेल है लूट, डकैती, हत्या व बलात्कार जैसी घटनाएं हर ओर छाई हुई हैं और पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है।
उन्होंने बजट को बाजीगरी का बजट बताते हुए एक शेर कहा, ‘बुलंदियों पर पहुंचने के लिए किससे दुआ करूं, जिसको सिर पर बैठाता हूं वही सिर काट लेता है’।
समाजवादी पेंशन योजना पर कहा कि यह योजना उनकी सरकार की देन है, बस इसका नाम बदल दिया गया है। युवकों ने टैबलेट और लैपटॉप के नाम पर सपा को सत्ता में बैठा दिया तो वादा भूल गए।
सिद्दीकी ने कहा, चिकित्सा क्षेत्र में अव्यवस्था फैली है। ट्रॉमा सेंटर में मरीज को खाली सिलेंडर लगा दिया गया जिससे उसकी मौत हो गई। लोगों की जिंदगी के साथ स्वास्थ्य विभाग में खिलवाड़ हो रहा है। अस्पतालों में बिजली के अभाव में टॉर्च की रोशनी में इलाज हो रहा है।
इसी तरह बाल एवं महिला चिकित्सालयों में भी कहीं कम तो कहीं अधिक महिला चिकित्सक हैं। सरकारी अस्पतालों में मशीनें खराब हैं और दलालों की मिलीभगत से उन्हें ठीक नहीं कराया जा रहा है।