आजमगढ़ से पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव, बदायूं से मुलायम के भतीजे धर्मेन्द्र यादव, कन्नौज से सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव, मैनपुरी से तेजप्रताप सिंह यादव और फिरोजाबाद से प्रो. रामगोपाल यादव के पुत्र अक्षय यादव सांसद हैं।
भाजपा ने इन सभी स्थानों पर विकास का एजेंडा सेट करने के लिए अपने राज्यसभा सदस्यों को लगाने की रणनीति बनाई है। इनकी सांसद निधि इन गैर भाजपा सांसदों वाले क्षेत्रों में खर्च करने की तैयारी है। उत्तर प्रदेश से भाजपा के 11 नेता राज्यसभा सदस्य हैं।
भगवा टोली के रणनीतिकारों ने इन क्षेत्रों की दुखती रग पर हाथ रख विपक्ष को मात देने का तानाबाना बुना है। अमेठी में स्मृति ईरानी पहले ही इस तरह के मुद्दों पर राहुल को घेर रही हैं। अब भाजपा ने रायबरेली में इतने लंबे समय से कांग्रेस की सत्ता होने के बावजूद कोई विश्वविद्यालय न होने तथा खिलाड़ियों के लिए बड़ा स्टेडियम न होने का मुद्दा उठाया है।
केंद्रीय वित्त मंत्री के प्रतिनिधि हीरो वाजपेयी ने पिछले दिनों रायबरेली में जल्द ही इन मुद्दों पर काम शुरू होने की घोषणा की है। वहां अगस्त में प्रदेश के पहले एम्स की ओपीडी शुरू होने के मौके पर भाजपा पहले ही कांग्रेस और सपा को घेर चुकी है।