लखनऊ। अलीगंज पुलिस ने रेल मंत्री को अपना करीबी बता लाखों की ठगी करने वाले जालसाज को गिरफ्तार कर लिया है। उसने अपने साथी के साथ मिलकर रेलवे में नौकरी दिलाने केनाम पर कई बेरोजगारों को ठगा था। रुपये हासिल करने के बाद फर्जी नियुक्ति पत्र भी पकड़ा दिए। पीड़ितों ने केस दर्ज कराया था। करीब 17 महीने बाद आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
प्रभारी निरीक्षक अलीगंज धर्मेंद्र सिंह यादव के मुताबिक, सीतापुर के सरवा जलालपुर निवासी मनोज कुमार ने सितंबर 2020 में मुकदमा दर्ज कराया था जिसमें आरोप लगाया कि गाजीपुर के मोहनपुरा निवासी नित्यानंद राय और उसके साथी झारखंड के रांची बिरसा चौक प्रकाशनगर के अभिषेक राय ने कई लोगों से ठगी की। आरोप था कि नित्यानंद ने डोनेशन के रूप में तीन लोगों से 15 लाख रुपये लिए। इसके अलावा कुछ रुपये अलीगंज के कपूरथला स्थित यूनियन बैंक के खाते में जमा कराए। जिन लोगों से रुपये लिये थे, उनको रेलवे की ग्रुप डी में नौकरी दिलाने का झांसा दिया। बताया कि उनको रेल मंत्री के कोटे से नौकरी दिलाएंगे।
संजय नाम के युवक को पं. बंगाल के आसनसोल डीआरएम कार्यालय में ज्वॉनिंग कराई। इसके बाद जालसाजों ने तीन लोगों को फर्जी ज्वॉनिंग लेटर दिए। सर्विस बुक, आईडी कार्ड भरवाया। इसे दिखाया तो था लेकिन दिया नहीं। इसके बाद सभी को प्रशिक्षण के लिए स्टेशनों पर घुमाते रहे। पीड़ितो को जब ठगी का अहसास हुआ तो मुकदमा दर्ज कराया। प्रभारी निरीक्षक धर्मेंद्र सिंह यादव के मुताबिक, मुख्य आरोपी नित्यानंद राय को गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिल गए हैं। उसे जेल भेज दिया गया है।