फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

69000 शिक्षक भर्ती को लेकर धरने पर बैठे अभ्यर्थी, मुख्यमंत्री योगी से की दखल की मांग

Wed, 11 Sep 2019 11:54 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
प्रदर्शन करते अभ्यर्थी। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

परिषदीय विद्यालयों में 69,000 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया को बहाल करने की मांग को लेकर बुधवार को अभ्यर्थियों ने निशातगंज स्थित बेसिक शिक्षा निदेशालय का घेराव कर मुख्यमंत्री से मुलाकात कराने की मांग की। अभ्यर्थियों ने बताया कि भर्ती प्रक्रिया पासिंग मार्क्स के विवाद के कारण न्यायालय में लंबित है।

विज्ञापन


सरकार का पक्ष रखने वाले महाधिवक्ता की अनुपस्थिति के चलते पांच से ज्यादा सुनवाई होने के बावजूद कोई हल नहीं निकल सका। देरी होने से प्रदेश के करीब 4 लाख 10 हजार अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में है। प्रदर्शन को देखते हुए निदेशालय के कर्मचारियों ने कार्यालय का गेट बंद कर लिया। सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई।

इसके बाद अधिकारियों के मुख्यमंत्री से वार्ता कराने के आश्वासन के बाद भी अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन जारी रखने का निर्णय लिया है। अभ्यर्थियों ने बताया कि बृहस्पतिवार को इस मामले की न्यायालय में सुनवाई है। इसलिए वे रातभर निदेशालय में धरने पर बैठेंगे और सुनवाई के बाद ही प्रदर्शन खत्म करने का निर्णय लेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

ये है पूरा मामला

दरअसल, बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक स्कूलों में 69 हजार शिक्षकों की भर्ती के लिए छह जनवरी को लिखित परीक्षा हुई थी। जिसके लिए करीब साढ़े चार लाख अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए थे। परीक्षा के बाद सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 65 फीसदी तो आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 60 फीसदी अंक लाना अनिवार्य किया गया। इस पर कुछ अभ्यर्थियों ने कड़ी आपत्ति जताई और हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में चुनौती दी।

याचियों का कहना है कि 68500 शिक्षक भर्ती में जिस तरह सामान्य व ओबीसी वर्ग के लिए 45 व एससीएसटी वर्ग के लिए 40 प्रतिशत अंक तय किए गए थे। वैसा ही कटऑफ इस भर्ती में भी अपनाया जाए।

जबकि, शासन का तर्क है कि 68500 शिक्षक भर्ती में सिर्फ एक लाख आवेदक थे जबकि 69000 शिक्षक भर्ती में साढ़े चार लाख अभ्यर्थी हैं इसलिए कट ऑफ तो बढ़ेगी ही। हालांकि, मामले पर पक्ष रखने के लिए शासन के वकील कोर्ट में उपस्थित नहीं हुए।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें