विभूति खंड पुलिस ने प्लॉट के नाम पर लाखों की धोखाधड़ी के मामले में अंसल एपीआई के वाइस प्रेसीडेंट हरीश गुल्ला व स्टेट हेड अरुण कुमार मिश्रा को बृहस्पतिवार देर शाम गिरफ्तार किया है। अंसल ग्रुप के चेयरमैन सुशील अंसल समेत छह लोगों के खिलाफ दर्ज मुकदमे में न्यायालय ने गैर जमानती वारंट जारी किए थे।
क्षेत्राधिकारी गोमतीनगर अवनीश्वर चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि दूसरे के प्लॉट का 11,34,900 रुपये में सौदा करने के साथ अच्छा प्लॉट देने के नाम पर पांच लाख रुपये हड़पने के मामले में न्यायालय ने गैर जमानती वारंट जारी किए थे। इस पर हरीश और अरुण को गिरफ्तार किया गया है।
अन्य की तलाश जारी है। गोमतीनगर के विराज खंड निवासी अवधेश गिरि ने 26 फरवरी को विभूति खंड थाने में केस दर्ज कराया था। आरोप है कि अर्चना गुप्ता नामक महिला ने 13 अक्तूबर 2011 को अंसल एपीआई में प्लॉट बुक कराया था।
अर्चना के माध्यम से अवधेश ने अंसल ग्रुप को 11,34,900 रुपये का भुगतान करके प्लॉट खरीदा। चेयरमैन सुशील अंसल, उनके बेटे प्रणव, अरुण कुमार मिश्रा, हरीश गुल्ला और विकास त्रिपाठी के आश्वासन पर रकम जमा की। अरुण, हरीश व विकास ने अवधेश को अच्छी जगह प्लॉट दिलाने का झांसा देकर पांच लाख रुपये और झटक लिए।
इसके बाद अवधेश चक्कर काटते रहे। प्लॉट देना दूर उसे दिखाने में भी टालमटोल की गई। अवधेश ने अपने स्तर से तहकीकात की। पता चला कि किसी और के प्लॉट का सौदा करके उससे 16,34,900 रुपये हड़प लिए गए। विभूति खंड के प्रभारी निरीक्षक राजीव द्विवेदी ने बताया कि अंसल एपीआई के चेयरमैन, निदेशक व अधिकारियों पर लोगों को प्लॉट व फ्लैट का झांसा देकर लाखों की ठगी के विभिन्न थानों में मुकदमे दर्ज हैं।