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भारत रत्न का एलान: मायावती ने कहा-दलितों की हुई है उपेक्षा, कांशीराम को भी सम्मानित करे सरकार

Sat, 10 Feb 2024 07:31 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

Announcement of Bharat Ratna: बसपा सुप्रीमों मायावती ने कहा है कि जिन भी हस्तियों को यह सम्मान दिया गया है उनका स्वागत है, लेकिन इस मामले में दलितों की उपेक्षा और तिरस्कार हुआ है। 
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बसपा सुप्रीमो मायावती। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा जिन भी हस्तियों को भारत रत्न से सम्मानित किया गया है, उनका स्वागत है। लेकिन इस मामले में खासकर दलित हस्तियों का तिरस्कार एवं उपेक्षा करना उचित नहीं है। सरकार को इस ओर भी ध्यान देना चाहिए।

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उन्होंने शुक्रवार को एक्स पर जारी बयान में कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर को लंबे इंतजार के बाद वीपी सिंह की सरकार में भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। उसके बाद दलित व उपेक्षितों के मसीहा कांशीराम का इनके हितों में किया गया संघर्ष कोई कम नहीं है। उन्हें भी भारत रत्न से सम्मानित किया जाए। वहीं दूसरी ओर उन्होंने एक और बयान जारी करते हुए कहा कि कांग्रेस और भाजपा के बीच लोकसभा चुनाव से पहले गंभीर आरोप प्रत्यारोप लगाते हुए ब्लैक और व्हाइट पेपर जारी किए जा रहे हैं। 

एक-दूसरे को जनविरोधी और गलत बताने का यह खेल चुनावी स्वार्थ के अलावा कुछ नहीं है। ऐसी संकीर्ण राजनीति से जनहित कैसे होगा। खासकर जबकि करोड़ों लोग महंगाई, गरीबी, बेरोजगारी, किसानों की बदहाली तथा ग्रामीण भारत की दुर्दशा से लगातार त्रस्त हैं। इन हालात में अपने स्वार्थ को त्यागकर राष्ट्रीय समस्याओं को दूर करने के लिए संगठित प्रयास करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के खिलाफ ब्लैक पेपर जारी करने वाली कांग्रेस को अपने यूपीए के 10 साल का कार्यकाल भी देखना चाहिए। 
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यदि उनको रिकॉर्ड ठीक होता तो भाजपा को सत्ता में आने का मौका नहीं मिलता। इसी तरह अगर भाजपा कार्यकाल बेहतरीन होता तो सर्वसमाज के लोग परेशान और बदहाल नहीं होते। मेहनतकश 80 करोड़ लोगों को सरकारी अनाज का मोहताज नहीं होना पड़ता। ये लोग अपने थोड़े अच्छे दिनों के लिए लगातार तरस रहे हैं। जिससे ध्यान बांटने के लिए पार्टियां और सरकारें लोगों की धार्मिक भावनाओं को भड़काने का खेल खेलती रहती हैं।

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