सरकारी कॉलेजों में ऑक्जीलियरी नर्स मिडवाइव्स (एएनएम), जनरल नर्स एंड मिडवाइव्स (जीएनएम) व बेसिक हेल्थ वर्कर के कोर्स में अब मेरिट से दाखिले होंगे।
अभी तक इसके लिए सरकार प्रवेश परीक्षा कराती थी। इंटरमीडिएट या समकक्ष की मेरिट से इनमें दाखिले लिए जाएंगे।
इसके लिए सरकार नियमावली में भी संशोधन करने जा रही है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग इस बदलाव के लिए प्रस्ताव तैयार कर रहा है। जल्द ही कैबिनेट की मंजूरी लेने के बाद इसे लागू कर दिया जाएगा।
प्रवेश परीक्षा कराने से बच रही है सरकार
सरकार का मानना है कि इन पाठ्यक्रमों को करने के बाद नौकरी के लिए युवाओं को प्रतियोगिता परीक्षा देनी ही पड़ती है। इसलिए एएनएम-जीएनएम में प्रवेश परीक्षा के बजाय मेरिट से दाखिले कराना ठीक रहेगा।
सरकार की दलील है कि प्रवेश परीक्षा कराने में समय ज्यादा लगता है, साथ ही व्यवस्थाएं भी बहुत करनी पड़ती हैं। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अरविंद कुमार ने आगामी शैक्षिक सत्र से एएनएम-जीएनएम में मेरिट से दाखिले कराए जाने की पुष्टि की है।
साढ़े तीन साल का होता है जीएनएम कोर्स
जीएनएम का कोर्स साढ़े तीन साल का होता है, जबकि एएनएम का पाठ्यक्रम डेढ़ साल का होता है। उत्तर प्रदेश में सरकारी क्षेत्र के एएनएम व जीएनएम के करीब एक दर्जन कॉलेज हैं। इनमें 600 से अधिक सीटें हैं।
यहां चलते हैं जीएनएम के पाठ्यक्रम
बलरामपुर अस्पताल, लखनऊ 23
जिला अस्पताल, बरेली 23
जिला अस्पताल, गोरखपुर 50
डॉ. राम मनोहर लोहिया संस्थान, लखनऊ 40
गांधी मेमोरियल एंड एसोसिएटेड हॉस्पिटल, लखनऊ 77
लाला लाजपत राय अस्पताल, कानपुर 67
सरोजिनी नायडू अस्पताल, आगरा 58
स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल, इलाहाबाद 54
सरदार वल्लभ भाई पटेल अस्पताल, मेरठ 66
यूएचएम अस्पताल, कानपुर 35
यूपी रूरल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, सैफई, इटावा 60
यूपी रूरल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, सैफई, इटावा 50