सेना के लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) राजेंद्र रामाराव निंभोरकर ने कहा कि जम्मू कश्मीर के उरी हमले के बाद हमने यह तय कर लिया था कि जवाब देना है तब उस समय के रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा कि जवाब देने की तैयारी करो और हमने प्लान को लागू करने का निर्णय ले लिया। अमर उजाला संवाद में 'देश के सम्मान की बात' सत्र में लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) निंभोरकर भारत द्वारा की गई सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में विस्तार से बता रहे थे।
उन्होंने कहा कि इसके पहले भी मुंबई हमला हुआ था पर इस तरह का जवाब नहीं दिया गया था। सर्जिकल स्ट्राइक की जानकारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को थी। हमें सिर्फ छह दिन के भीतर ही सारे उपकरण उपलब्ध हो गए। जनरल निंभोरकर ने सर्जिकल स्ट्राइक की गोपनीयता पर कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में मेरी यूनिट को भी कुछ पता नहीं था। हमने 82 आतंकी मारे, हमारे एक भी सैनिक को कुछ नहीं हुआ। हमने हमला करने का वक्त वो चुना जिस समय लोग सबसे गहरी नींद में होते हैं। जैसा उरी फिल्म में दिखाया गया वैसा नहीं हुआ। फिल्म तो मिर्च मसाला लगाकर पेश की जाती है।
निंभोरकर ने कहा कि मुझे लगता है कि आजादी के बाद अगर सबसे अच्छा कोई रक्षामंत्री हुए हैं तो वो मनोहर पर्रिकर थे। उन्होंने कहा कि अगर मुंबई हमले के बाद भी इसी तरह के कदम उठाए गए होते तो बाद के हमले नहीं होते। इस तरह के निर्णय लेने के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति की जरूरत होती है।
पाकिस्तान को मैं ऐसा नहीं मानता कि दुश्मन कहूं...
निंभोरकर ने कहा कि अब तकनीक और सूचनाओं के क्षेत्र में भारत अन्य देशों के मुकाबले बेहद मजबूत स्थिति में हैं। हमारे चीन और पाकिस्तान दो दुश्मन हैं। पाकिस्तान को मैं इस लायक नहीं मानता कि उसको दुश्मन कहूं। अगर चीन के साथ युद्घ होता है तो जितना नुकसान हमारा होगा उतना ही हम उनका भी नुकसान करेंगे। उन्होंने कहा कि रक्षा के क्षेत्र में अब हम उपकरणों का आयात कर रहे हैं। अगर ऐसा ही रहा तो अगले पांच साल में हमारी इतनी ताकत बढ़ जाएगी कि हम रक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर हो जाएंगे।
अग्निवीर से लोग सेना के बारे मे जानेंगे... अनुशासन आएगा
जनरल निंभोरकर ने अग्निवीर योजना की तारीफ करते हुए कहा कि यह एक अच्छी योजना है। इससे लोगों में अनुशासन आएगा और लोग सेना के बारे में जानेंगे। हालांकि, उन्होंने कहा कि सिर्फ 25 प्रतिशत सैनिकों को चार साल के बाद रोकना यह कम सही है। इसे बढ़ाना चाहिए। अग्निवीर से रिटायर होने के बाद युवाओं को 20-25 लाख रुपये मिल जाएंगे। जो निकम्मा होगा उसे ही काम नहीं मिलेगा।
370 हटाना एक सही फैसला
जनरल निंभोरकर ने कहा कि कश्मीर से 370 हटाना सही फैसला था। इससे आतंकवाद में कमी आएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि कश्मीर की समस्या हल करनी है तो 370 हटाना ही चाहिए था। उन्होंने कहा कि इसमें समय लग सकता है पर इससे निश्चित रूप से हालात बदलेंगे। अब वहां पत्थरबाजी की घटनाएं सामने नहीं आती हैं। उन्होंने कहा कि कश्मीर में गरीबी नहीं है। वहां के लोग कहते हैं कि हमने आज सिर्फ पनीर खाया है मांस नहीं खाया। ये लोग उतना गरीब नहीं है जितना कि भारत के अन्य हिस्सों के लोग।
राजनेताओं के बच्चे भी आएं सेना में
जनरल निंभोरकर ने कहा कि राजनेताओं के बच्चों को भी सेना में जाना चाहिए। देश के सभी सेवाओं से जुड़े लोगों को कम से कम तीन साल सेना मे काम करना चाहिए।