दरअसल, सीतापुर के मोहल्ला विजयलक्ष्मी नगर में रहने वाले जगदीश महावर की बेटी श्वेता महावर दोनों पैरों से कमजोर है। लिहाजा, चलने-फिरने में असमर्थ है। इसके बाद भी श्वेता अपनी कमजोरी से हताश नही हुई। उच्च शिक्षा के बाद श्वेता ने ज्योतिष का ज्ञान हासिल किया। अब वह कुंडली बनाने का काम करती है।
एक साल पहले ‘इन्क्लोव एप’ पर श्वेता की दोस्ती दिल्ली के उत्तम नगर में रहने वाले कंप्यूटर टीचर आलोक पाठक से हुई। दोस्ती कब प्यार में बदल गई उन्हें पता ही नही चला। बात शादी तक पहुंची तो श्वेता ने अपनी कमजोरी का जिक्र आलोक से किया। आलोक के परिवार वाले इस शादी के लिए राजी नही थे। इसके बाद भी आलोक ने प्यार के वादे को निभाने की ठान ली। घर वालों की मर्जी के बगैर आलोक शनिवार को सीतापुर पहुंचा। यहां गगन होटल में आलोक और श्वेता विवाह के पवित्र बंधन में बंध गए।
श्वेता के घर वालों की रजामंदी और मौजूदगी में शादी की रस्में निभाई गई। इस अनूठी और यादगार शादी का गवाह बना हर शख्स उत्साहित नजर आया। शहर में हर ओर इस अनूठी शादी की चर्चा होती रही।