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भोपाल-उज्जैन पैसेंजर ट्रेन ब्लास्ट मामला: सभी आठ आतंकियों को सुनाई गई सजा; सात को मृत्युदंड, एक को उम्रकैद

Tue, 28 Feb 2023 08:36 PM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

भोपाल-उज्जैन पैसेंजर ट्रेन में हुए ब्लास्ट में मदद पहुंचाने के मामले में सात दोषियों को फांसी और एक को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social Media
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विस्तार
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प्रतिबंधित संगठन आईएसआईएस के आतंकी मोहम्मद फैसल, गौस मुहम्मद खान, मो. अजहर, आतिफ मुज्जफर, मो. दानिश, सैयद मीर हुसैन और आसिफ इकबाल उर्फ रॉकी को मृत्यु दंड की सजा, जबकि मो. आतिफ उर्फ आतिफ ईरानी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। विशेष न्यायाधीश विवेकानंद शरण पांडेय की कोर्ट ने सभी दोषियों पर अलग-अलग अर्थदंड भी लगाया है।

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सजा सुनाए जाने से पहले सभी आरोपियों को जेल से लाकर कोर्ट में पेश किया गया। दिन भर चली गहमागहमी के बाद कोर्ट ने रात करीब साढ़े आठ बजे सजा का एलान किया। इस मामले में कोर्ट ने बीती 25 फरवरी को सजा पर बहस पूरी करते हुए 27 फरवरी को सजा सुनाए जाने की बात कही थी। बाद में कोर्ट ने कहा कि सजा का एलान 28 फरवरी को होगा। विशेष कोर्ट ने दाखिल चार्जशीट, प्रस्तुत साक्ष्य व गवाहों के बयान के आधार पर दोषियों को देश के खिलाफ युद्ध करने, आतंकी गतिविधियों के लिए धन एकत्रित करने, विस्फोटक और हथियार एकत्र कर देश के खिलाफ युद्ध की तैयारी करने, जाकिर नाइक का वीडियो दिखा कर नौजवानों को जेहाद के लिए प्रशिक्षण देने के साथ ही प्रतिबंधित हथियार एके 47 और कारतूस रखने का दोषी मानते हुए यह कड़ी सजा सुनाई है।

मामले में एटीएस के डिप्टी एसपी मनीष चंद्र सोनकर ने आठ मार्च, 2017 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया गया कि आईएसआईएस लगातार इंटरनेट पर आतंकवादी घटनाओं का वीडियो अपलोड कर मुस्लिम नौजवानों को अपने संगठन से जोड़ने और देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने की कोशिश में जुटा है।

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इसी से प्रभावित होकर मो. फैसल, दानिश अख्तर, आतिफ मुजफ्फर, सैफुल्ला व अजहर ने सात मार्च, 2017 को मध्यप्रदेश के शाजापुर में पैसेंजर ट्रेन में धमाके की साजिश रची थी। पूर्व में भी ये लोग आईएसआईएस के लिए जिहाद और आतंकी वारदातों को अंजाम देने की बात किया करते थे।

खलीफा के नाम शपथ लेकर वारदात 
सुराग मिलने पर पुलिस ने फैसल को कानपुर से गिरफ्तार कर मोबाइल व नकदी बरामद की थी। पूछताछ में उसने बताया कि वारदात में शामिल आतिफ मुजफ्फर, दानिश अख्तर और सैफुल्ला उसी के मुहल्ले के हैं। जबकि गौस मुहम्मद का घर पर आना जाना रहता था। वारदात को अंजाम देने के लिए इन लोगों ने खलीफा के नाम की शपथ ली थी। 

मुठभेड़ में मारा गया था सैफुल्ला
पुलिस ने इन सभी आतंकियों को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था। जबकि काकोरी में हुई मुठभेड़ में सैफुल्ला मारा गया था। अन्य आरोपियों के पास से भारी मात्रा में गोला बारूद व हथियार बरामद हुए थे। इसके बाद मामले की विवेचना एनआईए ने करते हुए बाकी आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की। इन सभी पर देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने, आतंकी गतिविधियों के लिए धन, विस्फोटक व हथियार एकत्र करने और जाकिर नाइक का वीडियो दिखाकर युवाओं को जिहाद के लिए उकसाने समेत तमाम अन्य मामले में 21 मार्च, 2018 को आरोप तय किए गए थे। 
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