चुनाव आयोग ने मतदाता पुनरीक्षण में बूथ लेवल अफसरों के साथ मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को बूथ लेवल एजेंट तैनात करने को कहा है।
ये एजेंट मतदाता बनवाने से जुड़े अभियान में मदद करेंगे। अभियान शुरू हो गया है, मगर तमाम जगह पर सपा और बसपा को छोड़कर बाकी दलों के बूथ लेवल एजेंट नजर नहीं आ रहे हैं।
सपा ने भी इस काम में बड़े स्तर के पदाधिकारियों को जिम्मेदार बनाया है। बीएलओ बताते हैं कि तमाम जगह भाजपा व कांग्रेस से कोई पूछने ही नहीं आ रहा।
दोनों बड़े दलों के नेता हवा-पानी ऐसा बना रहे हैं जैसे वे गांव-गांव छाए हुए हैं मगर बीएलए की तैनाती में जिस तरह सुस्ती नजर आ रही है, उससे उनकी तैयारी की पोल खुल रही है।