कई लोकसभा सीटों पर सपा प्रत्याशियों को लेकर विद्रोह की स्थिति पर सपा नेतृत्व गंभीर है।
सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव खुद ऐसी सीटों पर डैमेज कंट्रोल करेंगे। इसके लिए प्रभारियों से रिपोर्ट मांगी गई है। इस बीच जौनपुर में टिकट बदले जाने के बाद पार्टी की जंग निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है।
सपा में करीब एक दर्जन सीटों पर प्रत्याशियों में बदलाव के बाद कार्यकर्ताओं का असंतोष सड़कों पर आ चुका है। उन्होंने धरना-प्रदर्शन से लेकर रास्ता जाम तक किए। कई जगह प्रत्याशियों पर पुनर्विचार भी हुआ।
हालांकि पार्टी का मानना है कि अधिकतर सीटों पर नाराजगी स्थानीय कारणों से है। इसे दूर कर लिया जाएगा। मुलायम सिंह यादव या अखिलेश यादव को लेकर उनमें गुस्सा नहीं है।
फिर भी इसका कुछ खामियाजा पार्टी को भुगतना पड़ सकता है। चुनाव से पहले आपसी आरोप-प्रत्यारोप से वरिष्ठ नेता चिंतित हैं। सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह खुद सभी सीटों पर नजर रखे हुए हैं।
पूर्वांचल में जौनपुर सीट पर प्रत्याशी बदले जाने पर विरोध की जानकारी पार्टी नेतृत्व को है।
इस सीट पर डॉ. केपी यादव को हटाकर कैबिनेट मंत्री पारसनाथ यादव को प्रत्याशी बनाया गया है। पारसनाथ इस सीट से पहले सांसद और जिले से कई बार विधायक रह चुके हैं।
केपी यादव ने टिकट कटने के बाद जनभावना यात्रा निकाली। शनिवार को इस यात्रा के समापन तक उन्होंने करीब 90 छोटी-बड़ी सभाओं को संबोधित किया।
यादव का कहना है कि कुछ लोग भोले-भाले नेताजी को ठगने का काम कर रहे हैं। उनका टिकट काटे जाने से पूरे क्षेत्र में जबर्दस्त रोष है। उन्होंने ‘अमर उजाला’ से कहा, मैंने 28 साल पार्टी को दिए हैं, इसलिए फैसला लेने में थोड़ी हिचक हो रही है।
अभी नेताजी (मुलायम सिंह) के फैसले का इंतजार है। प्रत्याशी बदलने के निर्णय पर पुनर्विचार नहीं किया गया तो जनता अदालत के नाम पर महारैली कर अगले कदम का ऐलान करेंगे। लोगों की जनभावनाएं हैं कि वह चुनाव लड़ें।