मास्टर प्लान 2021 में 197 गांवों के पुनरीक्षित क्षेत्र का विकास नोएडा की तर्ज पर किया जाएगा। इसमें जनसुविधाओं पर खासतौर पर ध्यान दिए जान की तैयारी है।
सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, सार्वजनिक शौचालय, कूड़ाघर, अग्निशमन केंद्र और पुलिस चौकी जैसे स्थलों के लिए भूमि नगर नियोजक पूर्व में ही चिन्हित कर दें। ताकि बाद में इन स्थानों के लिए समस्या न हो।
इस जोनल प्लानिंग से पहले नगर नियोजकों को रिवाइज मास्टर प्लान में शासन की ओर से प्रस्तावित बदलावों को जल्द से जल्द करने का एलडीए को आदेश किया गया है। इसके बाद ही नक्शा पास करने के संबंध में पूर्ण अधिकार प्राधिकरण को मिल सकेंगे।
सोमवार को हुई थी बैठक
लखनऊ रेंज के कमिश्नर और एलडीए अध्यक्ष संजीव मित्तल ने यह आदेश 197 गांवों के बढ़े हुए क्षेत्र के पुनरीक्षित मास्टर प्लान को लेकर आयोजित बैठक में दिया। यह बैठक सोमवार की शाम प्राधिकरण दफ्तर में आयोजित की गई।
जिसमें उनके साथ उपाध्यक्ष अष्टभुजा प्रसाद तिवारी, चीफ इंजीनियर आरके शुक्ल, नगर नियोजक रवि जैन और अन्य महत्वपूर्ण अधिकारी मौजूद रहे।
इस बैठक का अहम एजेंडा विस्तारित क्षेत्र में मानचित्र व्यवस्था को लागू करने को लेकर था। जिसमें अधिकारियों ने इन 197 गांवों की वस्तुस्थिति को कमिश्नर के समक्ष रखी।
जिस पर मित्तल ने आदेश किया कि, सबसे पहले तो जरूरत यह है कि, मास्टर प्लान के जिन बदलावों को लेकर शासन ने निर्देशित किया है, उनको बदल कर जल्द से जल्द महायोजना शासन को भेजी जाए।
उन्होंने अधिकारियों को बताया कि, नोएडा में जोनल प्लानिंग बहुत ही जबरदस्त रही है। वहां जनसुविधाओं से जुड़े सभी व्यवस्थाएं जोनल प्लानिंग में की गई थीं।
होंगे कई बदलाव
आवास विभाग ने पुनरीक्षित मास्टर प्लान में कुछ बदलाव करने के लिए एलडीए को वापस किया है। इस मास्टर प्लान में आउटर रिंग रोड का एलाइनमेंट बदलने, चक गंजरिया में पुराने लैंडयूज में बदलाव करने और विस्तारित क्षेत्र में मिश्रित भू उपयोग को पारिभाषित करने के लिए निर्देशित किया है।