मेट्रो को केंद्र सरकार ने हरी झंडी दिखा दी है।
इसको लेकर केंद्र सरकार के शहरी विकास मंत्रालय के उप सचिव की ओर से मेट्रो रेल परियोजना के फेज-1ए में नॉर्थ साउथ कॉरीडोर (अमौसी से आलमबाग) का काम शुरू करने की लिए एनओसी जारी कर दी गई है।
यह शुक्रवार को लखनऊ मेट्रो रेल कॉरपोरेशन को प्राप्त हो गई है। इसके बाद राजधानी में मेट्रो के दौड़ने का रास्ता पूरी तरह से साफ हो गया है। अब सिर्फ प्रदेश सरकार को इसके लिए कार्यदायी संस्था तय करनी है।
लखनऊ मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के एमडी राजीव अग्रवाल कें द्र सरकार से एनओसी मिलने के बाद काफी उत्साहित हैं। उनका कहना है कि अब हम अपने हिसाब से परियोजना को शुरू करने सकेंगे।
अब केंद्र ने हमारी संशोधित डीपीआर को मंजूरी दे दी है। मेट्रो की दिशा में यह बड़ा काम हुआ है। उम्मीद है कि हम एक दो माह में मेट्रो को काम शुरू कर देंगे।
मेट्रो रेल परियोजना को शुरू करने की सैद्घांतिक मंजूरी जल्द देेने के लिए मुख्यमंत्री की ओर से कें द्रीय शहरी विकास मंत्रालय को अनुरोध पत्र लिखा गया था।
इसके बाद केंद्र सरकार की ओर से सैद्घांतिक मंजूरी का पत्र जारी कर किया गया है। मेट्रो रेल परियोजना का डीपीआर 26 अगस्त को मंजूरी के लिए भेजा गया था, जिस पर मंत्रालय ने कुछ जानकारियों मांगी थीं उन्हें भी 10 अक्टूबर को भेजा जा चुका है।
इसके बाद अब केंद्र सरकार ने मेट्रो फेज वन निर्माण को हरी झंडी दी है। केंद्रीय मंजूरी मिलने के बाद अब मेट्रो परियोजना के काम को रफ्तार मिलेगी।
प्रथम चरण में नॉर्थ साउथ कॉरीडोर विकसित किया जाएगा। इसकी कुल लंबाई 22.87 किमी है।
इसमें 19.43 किमी रूट एलिवेटेड है और 3.44 किमी अंडरग्राउंड है। इस कॉरीडोर पर 6880 करोड़ रुपये खर्च होंगे। पहले चरण में कार्य सात किमी सेक्टर में शुरू किया जाएगा।