फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

स्वास्थ्य विभाग ने ली राहत की सांस, सदर में तीन दिन में लिए सभी 240 सैंपल निगेटिव

Wed, 03 Jun 2020 02:03 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
विज्ञापन

लखनऊ में सदर के वाल्मीकि विहार इलाके के ज्यादातर सैंपल निगेटिव आए हैं। इससे स्वास्थ्य विभाग ने राहत की सांस ली है। अब यहां कम्युनिटी सैंपलिंग नहीं कराई जाएगी। हालांकि रविवार व सोमवार को लिए गए 20 सैंपल की रिपोर्ट आने का इंतजार है। स्वास्थ्य विभाग को उम्मीद है कि ये सैंपल भी निगेटिव ही आएंगे।  

विज्ञापन


स्वास्थ्य विभाग के लिए सदर का इलाका सिरदर्द बना रहा है। इस इलाके में सर्वाधिक कोरोना पॉजिटिव मरीज पाए गए हैं। 24 अप्रैल के बाद इस इलाके में मरीजों के मिलने का सिलसिला थम गया था, लेकिन 28 मई को दो और 29 मई को 9 लोगों के पॉजिटिव आने से स्वास्थ्य विभाग में हलचल मच गई थी।

उसने यहां पूरी ताकत झोंकते हुए 35 टीमें मैदान में उतार दीं और करीब 8000 परिवारों का सर्वे किया। तीन दिन के अंदर 240 लोगों के सैंपल लिए गए। स्वास्थ्य विभाग ने योजना बनाई थी कि इन 240 सैंपल में पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़ी तो सदर में भी कैसरबाग की तरह हर परिवार का सैंपल लिया जाएगा। एक तरह से यह कम्युनिटी सैंपलिंग होगी, लेकिन इस इलाके से पॉजिटिव मरीजों के मिलने का सिलसिला थम गया है।
विज्ञापन

 

विज्ञापन

20 की रिपोर्ट का इंतजार

सदर में शुक्रवार को 135 सैंपल, शनिवार को 65 और रविवार को लिए 40 सैंपल में सभी की जांच रिपोर्ट निगेटिव आ गई है। अब इलाके से रविवार व सोमवार को लिए गए 10-10 सैंपल की रिपोर्ट आनी बाकी है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इनमें ज्यादातर पूरी तरह से स्वस्थ हैं।

इनमें कोरोना के लक्षण भी नहीं हैं। ऐसे में इनकी रिपोर्ट निगेटिव ही मानकर चल रहे हैं। लैब से रिपोर्ट निगेटिव आ जाती है तो स्वास्थ्य विभाग यहां से टीमें हटाना शुरू करेगा। हालांकि घर-घर सर्वे करने के लिए लगाई गई 10 उड़ाका दल वाली टीमें यहां मौजूद रहेंगी। अन्य 25 टीमों को हटा लिया जाएगा।

एहतियातन तैनात रहेंगी 10 टीमें
सदर में तत्काल घर-घर सर्वे कराए जाने से मरीजों के बारे में पुख्ता जानकारी मिल गई। जिनमें भी लक्षण थे सभी की जांच करा ली गई है। उम्मीद है कि अब यहां से मरीज नहीं मिलेंगे। फिर भी एहतियात के तौर पर 10 टीमें काम कर रही हैं। यहां अब किसी तरह की चूक नहीं होने दी जाएगी। - डॉ. केपी त्रिपाठी, संक्रामक रोग नियंत्रण प्रभारी
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें