बता दें कि हाईकोर्ट के इस फैसले से चयनित अभ्यर्थियों को झटका लगा है। बुधवार से प्रदेश के जिलों में काउंसलिंग शुरू हो गई थी और तीन से छह जून तक नियुक्ति पत्र भी दिए जाने थे। जब अभ्यर्थी काउंसलिंग के लिए पहुंचे तो उन्हें फैसले की जानकारी मिली। जिस पर काउंसलिंग सेंटर पर उनसे हस्ताक्षर करने और फिर वापस चले जाने के लिए कहा गया।
दरअसल, प्रदेश की योगी सरकार भी भर्तियों को लेकर काफी उत्साहित थी और तत्परता दिखा रही थी लेकिन हाईकोर्ट के इस फैसले से सरकार को भी निराशा हुई है।