लखनऊ। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) का इस साल का चांसलर मेडल पीएसआईटी कानपुर की बीटेक इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन की छात्रा राशी माथुर को दिया जाएगा। वहीं, पिछले साल से शुरू किया गया श्रीमती कमल रानी वरुण मेमोरियल पदक एसआर इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी, लखनऊ की बीटेक इलेक्ट्रॉनिक एंड कम्युनिकेशन इंजीनियिरंग की छात्रा शीलू गौतम को मिलेगा।
यह निर्णय सोमवार को कुलपति प्रो. विनीत कंसल की अध्यक्षता में हुई परीक्षा समिति की बैठक में लिया गया। इसके साथ ही 19वें दीक्षांत समारोह में दिए जाने वाले अन्य मेडल पर भी अंतिम मुहर लगाई गई। विवि का दीक्षांत समारोह 15 दिसंबर को प्रस्तावित है। बैठक में पीजी पाठ्यक्रमों में भी इस साल से मेडल दिए जाने को हरी झंडी दी गई। इसमें तय हुआ कि पीजी पाठ्यक्रमों में उपाधि प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों में से टॉपर विद्यार्थी को मेडल दिया जाएगा।
समिति द्वारा संबद्ध राजकीय व निजी संस्थानों में एमटेक व एमफार्म में एक-एक स्वर्ण, रजत, कांस्य पदक देने की संस्तुति की गई। साथ ही घटक व शैक्षिक स्वायत्तशासी संस्थानों में 08 स्वर्ण, 04 रजत, 04 कांस्य पदक दिए जाने पर सहमति बनी। दीक्षांत समारोह में कुलाधिपति स्वर्ण पदक, श्रीमती कमल रानी मेमोरियल पदक के साथ 16 स्वर्ण, 16 रजत, 16 कांस्य पदक की सूची का अनुमोदन किया गया। साथ ही घटक एवं शैक्षिक स्वायत्तशासी संस्थानों में 06 स्वर्ण, 06 रजत, 06 कांस्य पदक की सूची भी एप्रूव की गई।
53 हजार विद्यार्थियों को मिलेगी उपाधि
दीक्षांत समारोह में 53,226 उपाधियां प्रदान की जाएंगी। इनमें बीटेक में 33584, बीफार्मा में 6646, बीएचएमसीटी में 210, बीआर्क में 309, बीएफएडी-बीएफए में 32, बीडेस में 26, एमबीए-एमबीए टीएम में 10149, एमसीए में 2064, एमफार्मा में 20, एमटेक में 66, एमआर्क में 38, एमएएम में 08, एमसीएडीडी में 01 व पीएचडी में 70 उपाधियां प्रदान की जाएंगी।
हिंदी में भी होंगे सेमेस्टर परीक्षाओं के प्रश्न पत्र
विवि के कुछ संस्थानों में इस साल से हिंदी भाषा में भी बीटेक की पढ़ाई शुरू की गई है। इसी के दृष्टिगत अब सेमेस्टर परीक्षा के प्रश्न पत्रों को भी हिंदी भाषा में भी तैयार कराने पर परीक्षा समिति ने मुहर लगाई। बैठक में कुलसचिव नंदलाल सिंह, वित्त अधिकारी जीपी सिंह, परीक्षा नियंत्रक प्रो. अनुराग त्रिपाठी आदि उपस्थित थे।
जो काम करें, उसमें अपना बेस्ट करें
कैंपस प्लेसमेंट में इंफोसिस में सिस्टम मैनेजर के पद पर चयन हुआ और मैंने कंपनी ज्वॉइन कर ली है। आगे एमबीए करके मैनेजमेंट में कॅरियर बनाऊंगी। कंसलटेंसी फर्म मेकैंजी में काम करने का सपना है। मेरा मानना है कि आप जो काम करें, उसमें अपना बेस्ट करें। यही सोचकर मैंने पढ़ाई की और सफलता पाई। पिता स्व. आरके माथुर यूपीपीसीएल में थे, अब मां रचना माथुर उस पद पर जॉब कर रही हैं। मेरा मानना है कि पढ़ाई खासकर बेसिक एजूकेशन सबके लिए अनिवार्य होना चाहिए। मैंने कॉलेज लंच टाइम में भी बच्चों को इंग्लिश पढ़ाया है। मौका मिला तो ऐसे बच्चों की पढ़ाई के लिए काम करूंगी। - राशि माथुर, बीटेक, चांसलर गोल्ड मेडल
डिजिटल इंडिया के लिए करना है काम
वर्तमान में एचसीएल में बतौर साफ्टवेयर इंजीनियर जॉब कर रही हूं। आगे पीजी करके आईईएस सर्विस की तैयारी करना है। ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन के क्षेत्र में काफी कम काम हुआ है। डिजिटल इंडिया की शुरुआत पीएम मोदी ने की है। मुझे ग्रामीण क्षेत्रों में इसे और सुदृढ़ करने के लिए काम करना है। मैं अपने परिवार की पहली बीटेक हूं। अगर अवसर मिला तो स्पेस साइंटिस्ट बनकर भी समाज में बदलाव व विकास के लिए कुछ करना चाहती हूं। पिता राकेश कुमार गौतम पुलिस में और मां प्रभा गौतम गृहणी हैं। जिन्होंने हमेशा मुझे अपने हिसाब से पढ़ाई व कॅरियर चुनने में मदद की है। - शीलू गौतम, बीटेक, श्रीमती कमल रानी मेमोरियल पदक