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अखिलेश ने बंगला खाली करने के लिए मांगा दो साल का वक्त, कहा- लखनऊ में और कोई घर नहीं

Tue, 22 May 2018 09:56 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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अलिखेश यादव अपने सरकारी आवास में।
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यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री व सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने सरकारी आवास को खाली करने के लिए दो साल का वक्त मांगा है। जेड प्लस सुरक्षा और आगंतुकों की संख्या को देखते हुए उन्होंने विक्रमादित्य मार्ग स्थित आवास में दो साल और रहने की अनुमति मांगी है।

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अखिलेश को बतौर पूर्व मुख्यमंत्री 4- विक्रमादित्य मार्ग आवास आवंटित है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इसे 15 दिन में खाली करने के लिए राज्य संपत्ति अधिकारी उन्हें नोटिस जारी कर चुके हैं। 18 मई को उन्हें यह नोटिस तामील कराया जा चुका है। सोमवार को अखिलेश यादव के निजी सचिव गजेन्द्र सिंह ने राज्य संपत्ति अधिकारी को उनका पत्र दिया।

पत्र में उन्होंने मौजूदा आवास में दो वर्ष और रहने की इजाजत मांगी है। कहा है कि लखनऊ में उनके पास रहने के लिए अन्य कोई उपयुक्त आवास नहीं है। पूर्व मुख्यमंत्री के नाते उन्हें प्रशासन ने एनएसजी कमांडो समेत जेड प्लस सुरक्षा दे रखी है। सुरक्षा कवर के कारण मुझे पर्याप्त आवासीय स्थान की जरूरत है। वर्तमान में सपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष होने के नाते मुझसे मिलने के लिए बहुत सारे लोग आते हैं। किसी अन्य आवासीय क्षेत्र में पर्याप्त बंदोबस्त व पुख्ता सुरक्षा इंतजाम के बिना रहना उचित नहीं रहेगा। उनके पत्र पर राज्य संपत्ति विभाग ने फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
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सूत्रों के मुताबिक अखिलेश वर्तमान आवास में दो वर्ष रहने के लिए बाजार दर पर किराया देने को तैयार हैं। हालांकि इसका उल्लेख उन्होंने पत्र में नहीं किया है।

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दफ्तर और जनेश्वर ट्रस्ट के नजदीक है आवास

अखिलेश के इस आवास में दो साल और रहने की इच्छा जताने के पीछे एक प्रमुख वजह यह है कि सपा का प्रदेश कार्यालय और जनेश्वर मिश्र ट्रस्ट इसके बहुत नजदीक है। अखिलेश आम तौर पर इन दोनों स्थानों पर ही बैठते हैं। आवास से दफ्तर आने में उन्हें दो मिनट लगता है। अगले साल लोकसभा चुनाव को देखते हुए वह नए आवास में शिफ्ट नहीं होना चाहते।
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