सपा अध्यक्ष ने कहा कि पिछड़े वर्ग के लिए शिक्षा एवं नियुक्तियों के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है। इसके अनुसार यदि कोई परीक्षार्थी इतने अंक प्राप्त कर ले कि आरक्षण की आवश्यकता न हो तो उसे सामान्य श्रेणी में रखा जाता था।
परंतु, नए नियम के अनुसार, यदि परीक्षार्थी प्रथम स्थान भी प्राप्त कर ले तब भी उसे 27 प्रतिशत आरक्षण वाली श्रेणी में ही रखा जाता है। नए नियम के कारण पिछड़े वर्ग को आरक्षण का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है।
अखिलेश यादव ने कहा कि पिछड़े वर्ग को सरकारी नियुक्तियों से वंचित करने के लिए रोस्टर प्रणाली से नियुक्तियां की जा रही हैं। इसके मुताबिक केवल दो-दो, तीन-तीन पदों पर नियुक्तियां हो रही हैं।
इतने कम पदों की नियुक्तियों पर आरक्षण लागू नहीं होता। इससे पिछड़े वर्ग को आरक्षण का लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने आयोग के अध्यक्ष से मांग की कि रोस्टर प्रणाली से नियुक्तियों पर रोक लगाने के साथ ही पूर्व की भांति नियुक्तियां की जाएं।