- दिसंबर 2021 को केंद्रीय बिंदु माना जाए और 31 दिसंबर 2021 के पहले कार्यकाल पूरा करने वाली विधानसभाओं के चुनाव लोकसभा चुनाव 2019 के साथ कराए जाएं। इस पर अमल नहीं हो सका। इस पर नए सिरे से विचार करना होगा।
- दिसंबर 2021 के बाद कार्यकाल पूरा करने वाली विधानसभाओं के चुनाव 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ कराए जाएं।
- प्रस्तावित व्यवस्था से 2024 तक लोकसभा व विधानसभा चुनाव साथ-साथ हो सकते थे।
2029 में स्थानीय निकायों के चुनाव भी लोकसभा और विधानसभा चुनावों के साथ कराएं।
विशेष परिस्थितियों में राष्ट्रपति शासन लागू करने की स्थिति बने और विधानसभा का कार्यकाल कम रह गया हो तो राष्ट्रपति शासन लगा रहे। अगर कार्यकाल ज्यादा हो तो नए चुनावों में गठित विधानसभा का कार्यकाल पांच साल न होकर उतना ही हो जितना कार्यकाल शेष रह गया हो, उपचुनावों की तरह। अविश्वास प्रस्ताव के साथ विश्वास प्रस्ताव भी अनिवार्य किया जाए। अविश्वास प्रस्ताव तभी पारित माना जाए जब साथ में विश्वास प्रस्ताव भी पारित हो।