विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने कहा है कि उन्होंने इतनी निष्ठुर व श्रमिक विरोधी सरकार पहले नहीं देखी। 48 साल के सार्वजनिक जीवन में कभी नहीं सुना कि कोई रेलगाड़ी मुंबई से गोरखपुर के लिए चले और उड़ीसा के राउरकेला पहुंच जाए। मुख्यमंत्री के संज्ञान में होने के बाद भी श्रमिकों की समस्याएं लगातार बढ़ती चली जाएं। यह स्थिति केंद्र व प्रदेश सरकार के माथे पर ऐसा कलंक है, जिसे कभी मिटाया नहीं जा सकता है।
रामगोविंद ने रविवार को जारी बयान में कहा कि घर वापस आ रहे श्रमिकों के साथ केंद्र व प्रदेश सरकार शुरू से ही दुश्मन जैसा व्यवहार कर रही है। अचानक व अनियोजित लॉकडाउन से रोजी-रोटी समाप्त होने की पीड़ा को छोड़िए, दोनों सरकारें इन्हें सकुशल घर भी नहीं पहुंचने दे रही हैं। पुलिस उन्हें जगह-जगह बेरहमी से पीट रही है। इस सरकार को एक क्षण के लिए सरकार में बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है।