समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा किसानों, बेरोजगारों से किए गए वादे से लोगों का ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है। लोगों का गुस्सा देखते हुए भाजपा हताश एवं निराश है। यही वजह है कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ माहभर से चित्रकूट, वृंदावन और लखनऊ में बैठकें कर रहा है। इसके जरिए लोगों को बहकाने के नए- नए तरीके ढूंढे़ जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि साढे़ चार साल की सरकार होने के बाद भी भाजपा के पास गिनाने के लिए कुछ नहीं है। प्रशासन पर उसकी पकड़ न होने से हर मोर्चे पर विफलता मिली है। भाजपा का मातृ संगठन इन हालातों से चिंतित है और लगातार चिंतन मनन में जुटा है। भाजपा सरकार ने किसानों पर तीन कानून लाद कर पूंजी घरानों और बहुराष्ट्रीय कंपनियों को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण के दौर में प्रदेश की जनता को आक्सीजन, बेड और दवाओं का अभाव झेलना पडा है। लोगों के रोजगार छिन गए। उद्योग धंधे और व्यापार बंद हो गए। उन्होंने कहा कि सपा की सरकार बनी तो कोविड काल से सभी कार्यों की जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।