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UP: रक्षाबंधन पर सपा का महिलाओं पर बड़ा दांव, अखिलेश यादव ने समाजवादी सबला-सुरक्षा वाहिनी का किया गठन

Mon, 19 Aug 2024 09:00 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ

सार

नारी के आत्मविश्वास को बढ़ाने के लिए उनके ’आर्थिक सबलीकरण और नारी-सुरक्षा’ जैसे विषयों के विविध कार्यक्रमों के माध्यम से उनके चतुर्दिक सशक्तीकरण को सुनिश्चित करने का अति महत्वपूर्ण कार्य करेगी। 
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सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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रक्षा बंधन के अवसर पर समाजवादी पार्टी ने समाजवादी सबला-सुरक्षा वाहिनी का गठन किया है। इसका गठन करते हुए सभा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि ये वर्तमान के संदर्भ में ‘स्त्री-संरक्षणीकरण’ की नवीन अवधारणा को जन-जन तक ले जाएगी और सद्भावनापूर्ण प्रयासों और समानता के विचारों के प्रसारण से नारी के प्रति दृष्टिकोण में सकारात्मक परिवर्तन लाकर, सामाजिक सोच में आमूलचूल परिवर्तन लाएगी। नारी को समावेशी विकास का हिस्सा बनाएगी।

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समाजवादी सबला-सुरक्षा वाहिनी’ नारी के मुद्दों और मामलों में ‘चार दिन की चिंता’ की तरह केवल कहकर नहीं रह जाएगी, केवल औपचारिकता नहीं  निभाएगी बल्कि बीते कल से सबक लेते हुए ’वर्तमान’ को झकझोर कर सचेत बनाएगी, ‘दूरगामी ठोस कदम’ भी उठाएगी। रास्ते भी बनाएगी और चलकर भी दिखाएगी, क्योंकि परिवर्तन थोथे बयानों से नहीं, सच्ची भावना से किए गए सद-प्रयासों से ही आएगा। 

अखिलेश ने कहा, ‘समाजवादी सबला-सुरक्षा वाहिनी’
नारी के आत्मविश्वास को बढ़ाने के लिए उनके ’आर्थिक सबलीकरण और नारी-सुरक्षा’ जैसे विषयों के विविध कार्यक्रमों के माध्यम से उनके चतुर्दिक सशक्तीकरण को सुनिश्चित करने का अति महत्वपूर्ण कार्य करेगी। 

नारी में ‘सुरक्षा की भावना’ उसकी शिक्षा की निरंतरता, उसकी कुशलता-समर्थता, सक्रियता व आत्मनिर्भरता और परिवार-समाज में सम्मान के साथ जीने का सुदृढ़ आधार बनती है। नारी जितनी सुरक्षित होगी, उतनी ही उसकी सक्रियता बढ़ेगी और उतना ही उसका आर्थिक योगदान बढ़ेगा और साथ ही उसका पारिवारिक-सामाजिक सम्मान भी और देश-दुनिया के विकास में योगदान भी। 

उन्होंने कहा कि ये ‘आधी-आबादी की पूरी आज़ादी’ का अभियान है, जिसके शुभारंभ के लिए ’रक्षा-बंधन’ जैसे पावन-पर्व से अच्छा अन्य कोई पर्व और क्या हो सकता है, लेकिन ये कोई एक दिन का पर्व नहीं होगा, बल्कि हर पल, हर जगह, हर दिन सक्रिय रहनेवाली जागरूकता का रूप होगा। जो नारी को सुरक्षित रखते हुए, आर्थिक रूप से सशक्त करते हुए एक बड़े सामाजिक-मानसिक बदलाव की ओर ले जाएगा। 
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अखिलेश ने कहा कि हमारा संकल्प-सिद्धांत है : स्त्री ‘शक्ति’ का प्रतीक भी होनी चाहिए और प्रमाण भी। इसलिए समाज के सभी वर्गों और तबकों की स्त्री-शक्ति से आह्वान और अनुरोध है कि वे ‘समाजवादी सबला-सुरक्षा वाहिनी’ से जुड़ने के लिए आगे आएं और अपनी कुशलता व हुनर से अन्य स्त्रियों को आर्थिक-सामाजिक रूप से समर्थ-सबल बनाने में अपना योगदान दें।
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