वहीं, बसपा सुप्रीमो मायावती ने पीएम मोदी की मेरठ रैली के बाद ट्वीट कर कहा, व्यक्तिगत, जातिगत व सांप्रदायिक द्वेष व घृणा की राजनीति करना बीजेपी एण्ड कम्पनी की शोभा है जिसके लिये उनकी सरकार लगातार सत्ता का दुरुपयोग करती रही है। देशहित को सर्वोपरि मानकर ऐसी गरीब, लोकतंत्र व जनविरोधी सरकार से देश को मुक्ति दिलाने के लिए बसपा-सपा-आरएलडी ने गठबंधन किया है।
उन्होंने पीएम मोदी की ईमानदारी पर भी ट्वीट कर सवाल उठाए और कहा, मोदी ने आज मेरठ से लोकसभा चुनाव अभियान की शुरूआत करते हुए कहा कि मैं अपना हिसाब दूंगा लेकिन विदेश से कालाधन वापस लाकर गरीबों को 15 से 20 लाख रुपये देने व किसानों की आय दोगुनी करने के जनहित के मुद्दों का हिसाब-किताब दिये बिना ही वे मैदान छोड़ गए। चौकीदार क्या ईमानदार है?